
सुरेश चन्द्र जोशी
विनोद नगर (दिल्ली)
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दे रही है शारीरिक स्थिति संकेत,
इजा तुझसे मिलन शीघ्र होगा।
दे रही है सांसारिक स्थिति संकेत,
इजा तुझ से मिलन शीघ्र होगा।।
खान-पान,रहन-सहन सभी का,
अंतिम निष्कर्ष सामने शीघ्र होगा।
दे रही है शारीरिक स्थिति संकेत,
इजा तुझ से मिलन शीघ्र होगा।।
हस्त, पाद, अक्षि, कर्ण, कटि, आदि का,
यदि इस तरह ह्रास-गमन होगा।
दे रही है शारीरिक स्थिति संकेत,
इजा तुझसे मिलन शीघ्र होगा।।
शुष्क-कर्ण,हस्त-पाद को अब तो,
आवश्यक न तो तेल लेपन होगा।
दे रही है शारीरिक स्थिति संकेत,
इजा तुझसे मिलन शीघ्र होगा।।
न होंगे सौभाग्य नियम फिर,
न हाथ पर एक ही कंगन होगा।
दे रही है शारीरिक स्थिति संकेत,
इजा तुझसे मिलन शीघ्र होगा।।
तनाव न भोजन का रहेगा,
न नियम कोई भाग शयन का होगा।
वाम-दक्षिण त्याग शयन अब तो,
इजा तुझसे मिलन शीघ्र होगा।।
खंडित न सिद्धांत ये करेगा कभी,
सांसारिक और कितना पतन होगा।
दे रही है शारीरिक स्थिति संकेत,
इजा तुझसे मिलन शीघ्र होगा।।
की है प्रदान लेखनी तूने यह,
तू ही जाने कब तक लेखन होगा।
दे रही है शारीरिक स्थिति संकेत ,
इजा तुझसे मिलन शीघ्र होगा।।
यदि मैं सच में वुहान होता,
आपसे पहले पहुंचा होता।
होती घातक वैक्सीन तो भी,
मिलन अब तक हो गया होता।।
अज्ञान महामारी व वैक्सीन का,
परिणाम तो अब गमन होगा।
दे रही है शारीरिक स्थिति संकेत,
इजा तुझसे मिलन शीघ्र होगा।।
हुई अवहेलनाऐं अनेकानेक पर,
वचन एक सत्य न हुआ नहीं होगा।
दे रही अब शारीरिक स्थिति संकेत,
इजा तुझसे मिलन अति शीघ्र होगा।।
हाथ पैर तक पहुँच पाते नहीं अब,
तो बिचित्र शारीरिक हाल होगा।
दे रही शारीरिक स्थिति संकेत,
इजा तुझसे मिलन अति शीघ्र होगा।।
इजा तुझसे मिलन अति शीघ्र होगा।
इजा तुझसे मिलन …..
शिक्षा : आचार्य, बीएड टीजीटी (संस्कृत) दिल्ली प्रशासन
निवासी : विनोद नगर (दिल्ली)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।
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