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कविता

हिंदी

हिंदी

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा फतेहाबाद, आगरा (उत्तर प्रदेश) ******************** मां के आंचल सी पावन हिंदी आंगन में तुलसी सी महके हिंदी। गंगा की निर्मल धारा सी बहती हिंदी दादी मां की मीठी लोरी सी हिंदी। भारत भू के माथे पर सजी हिंदी जन-जन के हृदय में बसी हिंदी। मीरा क...

छंद

छोड़ बुराई नेक बन

छोड़ बुराई नेक बन

निज़ाम फतेहपुरी मदोकीपुर ज़िला-फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) ******************** (दोहा छंद) छोड़ बुराई नेक बन, पाप करे शैतान। स्वर्ग नर्क सब कर्म से, तेरे है इंसान।। ************* समझ समझ समझा नहीं, समझ नहीं थी यार...

उपन्यास

उपन्यास : मैं था मैं नहीं था : अंतिम भाग- ३१

उपन्यास : मैं था मैं नहीं था : अंतिम भाग- ३१

विश्वनाथ शिरढोणकर इंदौर म.प्र. ****************** उस दिन स्कूल में सोनू को मैने बडी शान से कहां, 'आज मैने राम मंदिर में पूजा की।' 'क्यों? उस घर के सब बडे कहां गए?' सोनू ने पूछा। सोनू को भी पता था कि वह घर मेरा नही है।' कितने सारे तो भगवान है वहां मंदिर में? तुमने कैसे की होगी प...

ग़ज़ल

हमने हर दर्द को मुस्कान बना कर देखा

हमने हर दर्द को मुस्कान बना कर देखा

आनंद कुमार पांडेय बलिया (उत्तर प्रदेश) ******************** हमने हर दर्द को मुस्कान बना कर देखा, ज़िंदगी तुझको भी आसान बना कर देखा। दिल में उम्मीद का इक दीप जलाए रखा, हर एक अँधेरे को चराग़ बना कर देखा। जो भी पत्थर थे, वो किरदार सिखाते ही रहे, हमने हर ज़ख़्म को अरमान बना...

जन्मदिवस

एयर इंडिया की हवाई यात्रा

एयर इंडिया की हवाई यात्रा

माधवी तारे लंदन ******************** मैं हर साल अपने बड़े बेटे के साथ कुछ समय रहने के लिए ब्रिटेन जाती हूं और इस बार आते समय मेरे ज्येष्ठ सुपुत्र ने कहा कि मां इस आपकी उम्र काफी है और एक दो दिन की यात्रा में आप थक जाओगी, सामान्य क्लास में बैठ कर आ...