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कविता

दौड़

दौड़

महेश बड़सरे राजपूत इंद्र इंदौर (मध्य प्रदेश) ******************** हाँ! सब दम लगा दौड़ रहे हैं रोज दौड़ रहे हैं किसलिए दौड़ रहे हैं सुबह शाम दौड़ रहे हैं पता नहीं क्यों दौड़ रहे हैं बिन मंज़िल के दौड़ रहे हैं सीधे कम, तिरछे बाँके दौड़ रहे हैं धरती और आस...

छंद

कौन यहाॅं है साथ

कौन यहाॅं है साथ

निज़ाम फतेहपुरी मदोकीपुर ज़िला-फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) ******************** (दोहा उर्दू छंद) इतना ग़ुरुर मत करो, कौन यहाॅं है साथ। सब मरने के बाद में, छूकर धोते हाथ।। जीवन तो इक वहम है, कर्मों का है खेल। सच ...

उपन्यास

उपन्यास : मैं था मैं नहीं था : अंतिम भाग- ३१

उपन्यास : मैं था मैं नहीं था : अंतिम भाग- ३१

विश्वनाथ शिरढोणकर इंदौर म.प्र. ****************** उस दिन स्कूल में सोनू को मैने बडी शान से कहां, 'आज मैने राम मंदिर में पूजा की।' 'क्यों? उस घर के सब बडे कहां गए?' सोनू ने पूछा। सोनू को भी पता था कि वह घर मेरा नही है।' कितने सारे तो भगवान है वहां मंदिर में? तुमने कैसे की होगी प...

ग़ज़ल

शौक है तन्हाइयों का

शौक है तन्हाइयों का

नवीन माथुर पंचोली अमझेरा धार म.प्र. ******************** शौक है तन्हाइयों का। क्या करें शहनाइयों का। दूरियों के इस सफ़र में, साथ है परछाइयों का। इन परिंदों को भी थोड़ा, ख़ौफ है ऊंचाइयों का। नीतियाँ थोथी पड़ी हैं, ढोंग है अच्छाइयों का। बेहयाई दौर में अब, डर नहीं...

जन्मदिवस

एयर इंडिया की हवाई यात्रा

एयर इंडिया की हवाई यात्रा

माधवी तारे लंदन ******************** मैं हर साल अपने बड़े बेटे के साथ कुछ समय रहने के लिए ब्रिटेन जाती हूं और इस बार आते समय मेरे ज्येष्ठ सुपुत्र ने कहा कि मां इस आपकी उम्र काफी है और एक दो दिन की यात्रा में आप थक जाओगी, सामान्य क्लास में बैठ कर आ...