कविता
दादी का गांव
डॉ. आभा माथुर
उन्नाव (कानपुर)
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सुबह हो गई मीठी-मीठी
लाली छाई चारों ओर
चीं-चीं, चूं-चूं, काँव-काँव का
सारे नभ में छाया शोर
आशु उठा अँगड़ाई लेकर
जल्दी उसे नहाना है
नाश्ता कर बस्ता लेकर
जल्दी स्कूल जाना है
तभी उसे आ गई याद
कल दीदी की कही बात...
छंद
राम वनगमन (आल्हा/वीर छंद)
नरेंद्र सिंह
मोहनपुर, अतरी, गया जी (बिहार)
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(आल्हा/वीर छंद)
राम संग भी लक्ष्मण सीता,
वन में जाने को तैयार।
कौशल में सब लगे विलखने,
छाती मुक्का दे-दे मार।।
कैसे अब तो राज चलेग...
उपन्यास
उपन्यास : मैं था मैं नहीं था : अंतिम भाग- ३१
विश्वनाथ शिरढोणकर
इंदौर म.प्र.
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उस दिन स्कूल में सोनू को मैने बडी शान से कहां, 'आज मैने राम मंदिर में पूजा की।'
'क्यों? उस घर के सब बडे कहां गए?' सोनू ने पूछा। सोनू को भी पता था कि वह घर मेरा नही है।' कितने सारे तो भगवान है वहां मंदिर में? तुमने कैसे की होगी प...
ग़ज़ल
नफ़रत दिलों में
निज़ाम फतेहपुरी
मदोकीपुर ज़िला-फतेहपुर (उत्तर प्रदेश)
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वज़्न- २२१ २१२१ १२२१ २१२
अरकान- माफ़ऊल फ़ाइलात मुफ़ाईल फ़ाइलुन
नफ़रत दिलों में अक़्ल पे छाई ग़ुबार है।
हम आ गए कहाॅं पे ये कैसा दयार है।।
बरसो बरस जो साथ रहे वो बदल गए।
रिश्तो में कैसे आज ये...
जन्मदिवस
एयर इंडिया की हवाई यात्रा
माधवी तारे
लंदन
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मैं हर साल अपने बड़े बेटे के साथ कुछ समय रहने के लिए ब्रिटेन जाती हूं और इस बार आते समय मेरे ज्येष्ठ सुपुत्र ने कहा कि मां इस आपकी उम्र काफी है और एक दो दिन की यात्रा में आप थक जाओगी, सामान्य क्लास में बैठ कर आ...
