कविता
धीरे-धीरे हँसना प्रिये …
इंद्रजीत सिहाग "नोहरी"
गोरखाना, नोहर (राजस्थान)
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धीरे-धीरे हँसना प्रिये,
मेरा मुझसे ही कहना प्रिये।
सोणी-सोणी है मेरी नार,
सच्चा-सच्चा है तेरा मेरा प्यार।।
तुझको मेरे पास रहना है,
सच्चा साथ निभाना है।
धीर धारण करके रहना है,
मुझे महक...
छंद
कुण्डलिया छंद
सुधीर श्रीवास्तव
बड़गाँव, गोण्डा, (उत्तर प्रदेश)
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कुण्डलिया छंद
सबसे ज्यादा आजकल, अपने लगते भार।
कलयुग का यह सार है, लगभग हर परिवार।
लगभग हर परिवार, सुनें हम यही कहानी।
सभी सुनाते आज, कथाएं आप ज...
उपन्यास
उपन्यास : मैं था मैं नहीं था : अंतिम भाग- ३१
विश्वनाथ शिरढोणकर
इंदौर म.प्र.
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उस दिन स्कूल में सोनू को मैने बडी शान से कहां, 'आज मैने राम मंदिर में पूजा की।'
'क्यों? उस घर के सब बडे कहां गए?' सोनू ने पूछा। सोनू को भी पता था कि वह घर मेरा नही है।' कितने सारे तो भगवान है वहां मंदिर में? तुमने कैसे की होगी प...
ग़ज़ल
ज़िंदगी चार दिन की
निज़ाम फतेहपुरी
मदोकीपुर ज़िला-फतेहपुर (उत्तर प्रदेश)
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अरकान- फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन
वज़्न- २१२ २१२ २१२ २१२
मौत सच है रहेंगे सदा हम नहीं।
जीने का भी यहाॅं पे मज़ा कम नहीं।।
ज़िंदगी चार दिन की जियो शान से।
बाटो खुशियाॉं जहॉं में मगर ग़म...
जन्मदिवस
एयर इंडिया की हवाई यात्रा
माधवी तारे
लंदन
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मैं हर साल अपने बड़े बेटे के साथ कुछ समय रहने के लिए ब्रिटेन जाती हूं और इस बार आते समय मेरे ज्येष्ठ सुपुत्र ने कहा कि मां इस आपकी उम्र काफी है और एक दो दिन की यात्रा में आप थक जाओगी, सामान्य क्लास में बैठ कर आ...
