जय महाकाल
किरण विजय पोरवाल
सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
********************
विकराल काल,
त्रिनेत्र विशाल,
नरमुंड माल,
गले सर्पों का हार,
हे दिगंबर वेष,
अंग भस्म का लेप,
शिव जटाजुट,
उद्विग्न गंग,
कर्पूर अंग,
बिच्छू है कर्ण,
शीश अर्धचंद्र,
डमरू की धुन।
शिव हे नटराज,
भंयकर तांडव,
भस्म रमैया
शमशान में वासन,
भक्तन प्रतिपालक,
तारक संहारक,
ऐसे हैं ब्रह्माण्ड के नायक,
जय महाकाल, जय महाकाल,
जय महाकाल, जय महाकाल।
परिचय : किरण विजय पोरवाल
पति : विजय पोरवाल
निवासी : सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
शिक्षा : बी.कॉम इन कॉमर्स
व्यवसाय : बिजनेस वूमेन
विशिष्ट उपलब्धियां :
१. अंतर्राष्ट्रीय साहित्य मित्र मंडल जबलपुर से सम्मानित
२. अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना उज्जैन से सम्मानित
३. राष्ट्रीय हिंदी रक्षक मंच इंदौर द्वारा "साहित्य शिरोमणि अंतर्राष्ट्रीय समान २०२४" से सम्म...













