
अमित कुमार शर्मा “आनंद”
प्रयागराज (उत्तरप्रदेश)
********************
विश्व हिंदी दिवस १० जनवरी २०२६ पर आयोजित कविता लिखो प्रतियोगिता में सम्मिलित रचना
राष्ट्र की धरोहर संस्कृति की पहचान है कविता
आसमान में लहराते तिरंगे की शान है कविता
आज़ाद के बंदूक से निकली जो आखिरी गोली
भगत सिंह के देश भक्ति की सम्मान है कविता।
कश्मीर घाटी,हल्दी घाटी की आवाज है कविता
झेलम के जल में चलते नाव की साज है कविता
राणा प्रताप ने जब खाई थी घास की बनी रोटियां
दुश्मनों पर टूट पड़े ऐसे चेतक की ताज है कविता।
हिमालय से निकली गंगा की कल कल है कविता
पवित्र करती तन मन जो शीलत जल है कविता
शंकर की जटाओं में भी बंधकर जो बहती निरंतर
भागीरथी के निरंतर तप का पुण्य फल है कविता।
वर्षा ऋतु में किसान के चेहरे की चमक है कविता
बसंत ऋतु में गाते हुए पंछियों की चहक है कविता
चद्दर ओढ़कर ठंडी रातों से कांपती हुई दादी अम्मा
दिखावे की दुनिया में सच्चाई की सूचक है कविता।
नई नवेली दुल्हन की आज सिंगर बनी है कविता
उसके खिले इन होठों की मुस्कान बनी है कविता
चांद से तुलना करता महबूबा की जो महबूब आज
रण में शहीद हुए विधवा की सम्मान बनी है कविता।
परिचय :- अमित कुमार शर्मा “आनंद”
निवासी : प्रयागराज (उत्तरप्रदेश)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरा यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।
प्रिय मित्र, शुभचिंतक एवं परिवारजन आपको प्रेषित मेरी नई स्वरचित रचना, कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें …🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ
प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर 98273 60360 पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु हमारे चलभाष क्रमांक 98273 60360 पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…🙏🏻



