
सुश्री हेमलता शर्मा “भोली बैन”
इंदौर म.प्र.
******************
आज मामला हुवा गरम,
रामू भूला पति धरम,
पत्नी को तैयार कराना,
उसको भारी पड़ गया,
जाना था आज सिनेमा,
पर टिकटे लाना भूल गया,
सुध-बुध भूल गया रामू,
पीटा उसने अपना करम,
आज मामला हुवा गरम,
उसकी पत्नी हुई क्रोधित,
चण्डी का जो रूप धरा,
बेलन से पीटा रामू को,
जबड़ा उसका टूट गया,
बेलन-टाईन मना आज,
भ्रम उसका सारा टूट गया,
पत्नी ने तोड़ दिये बर्तन,
रामू ने पकड़े उसके चरण,
आज मामला हुवा गरम ।
निवासी : इंदौर मध्यप्रदेश
जन्म तिथि : १९ दिसम्बर १९७७ जन्मस्थान आगर-मालवा
शिक्षा : स्नातकोत्तर, पी.एच.डी.चल रही है
कार्यक्षेत्र : वर्तमान में लेखिका सहायक संचालक, वित्त, संयुक्त संचालक, कोष एवं लेखा, इंदौर में द्धितीय श्रेणी राजपत्रित अधिकारी के रूप में कार्यरत है। इससे पूर्व पी.आर.ओ. के रूप में जनसम्पर्क विभाग में कार्य कर चुकी है। लेखन विधा में कविता और लेख लिखती है। म.प्र.संदेश, अभिव्यक्ति जैसी शासकीय पत्रिकाओं एवं दैनिक भास्कर, नई दुनिया जैसे प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में आपके आलेख एवं कविताएं प्रकाशित होती रही है। सामाजिक क्षेत्र- इंदौर शहर ही है। हिंदी रक्षक मंच इंदौर (hindirakshak.com) द्वारा हिन्दी रक्षक सम्मान, राष्ट्रीय सुरभि साहित्य संस्कृति अकादमी से उत्कृष्ट कवियित्री सहित अनेक सामाजिक साहित्यिक संस्थाओं से विभिन्न सम्मान प्राप्त हो चुके है। शासकीय क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य हेतु तीन बार सम्मानित किया जा चुका है।
उपलब्धि : म.प्र.राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित आगर-मालवा जिले की प्रथम प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न अवसरों पर मंच संचालन, मालवा थियेटर के कलाकार के रूप में मालवी बोली के प्रचार-प्रसार हेतु ’’मालवा-री-मिठास’’ के माध्यम से प्रचार-प्रसार एवं आनंदक के रूप में विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से समाज सेवा एवं जन कल्याण कार्यो में भागीदारी करना है । आपके लेखन का उद्देश्य मातृभाषा हिन्दी का प्रचार-प्रसार करना है।
आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि हिंदी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं फोटो के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, हिंदी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, हिंदी में टाईप करके हमेंhindirakshak17@gmail.comपर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर ९८२७३ ६०३६० पर सूचित अवश्य करें … और अपनी कविताएं, लेख पढ़ें अपने चलभाष पर या गूगल पर www.hindirakshak.com खोजें…🙏🏻
आपको यह रचना अच्छी लगे तो साझा जरुर कीजिये और पढते रहे hindirakshak.com हिंदी रक्षक मंच से जुड़ने व कविताएं, कहानियां, लेख, आदि अपने चलभाष पर प्राप्त करने हेतु हिंदी रक्षक मंच की इस लिंक को खोलें और लाइक करें 👉🏻hindi rakshak mnch 👈🏻 हिंदी रक्षक मंच की इस लिंक को खोलें और लाइक करें … हिंदी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु अपने चलभाष पर पहले हमारा चलभाष क्रमांक ९८२७३ ६०३६० सुरक्षित कर लें फिर उस पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…
