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सच्चा साथी

होशियार सिंह यादव
महेंद्रगढ़ हरियाणा
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प्रभु, पत्नी, सखा और मित्र,
कहलाते हैं ये रिश्ते पवित्र,
सच्चा साथी, इनको कहेंगे,
पल पल अपने साथ रहेंगे।

नहीं धन दौलत मिले चाहे,
नहीं भैंस, घोड़ा और हाथी,
सुख जरूर मिलता है जब,
जीवन में मिले सच्चा साथी।

बड़े बड़े धोखा दे देते जब,
पड़ जाएगा छोटा सा काम,
सच्चा साथी पास जब आये,
हो सकता है जगत में नाम।

जिनका भला लाख करोगे,
वो वक्त पड़े तो बने दुश्मन,
सारी नेकी पल में भूल जा,
बेशक अर्पण कर दे तन मन।

सोच समझकर कदम बढ़ाए,
जगत में मिलेंगे अल्प अपने,
जब विश्वास काम बनने का,
चूर-चूर हो जाए सारे सपने।

पहला साथी पत्नी कहलाती,
सुख सपनों में वहीं मदमाती,
पास रहती दुख-दर्द मिटाती,
जीवन को पावन कर जाती।

सबसे बड़ा सुख कहलाता,
पति पत्नी को दुख बतलाता,
वो दुखों में भी पति हर्षाती,
ऐसे में सच्चा साथी कहाती।

सखा व साथी मिले कभी,
मन प्रफुल्लित हो जाये तभी,
सच्चा साथी वो भी कहाये,
खुद हंसे साथी को हंसाये।

सच्चा साथी, प्रभु कहलाता,
बिगड़े काम, पूरे कर जाता,
इसलिये वो कहाए विधाता,
हर आफत से वहीं बचाता।

जग में सबसे बड़ा है साथी,
प्रभु की याद दिनभर आती,
सारी दुनियां उसको लुभाती,
वो ही दाता वो ही है नाती।

जिनके साथी रूठ गये हो,
जीना उनका होता दुश्वार,
सच्चा साथी होता है प्यार,
उसके बिना जीना बेकार।।

परिचय :- होशियार सिंह यादव
जन्म : कनीना, जिला महेंद्रगढ़, हरियाणा
पिता : स्व. श्री जयनारायण (कवि) एवं गोपालक देहांत १९८९
मां : स्व. मिश्री देवी गृहणि देहांत २०१६
निवासी : महेंद्रगढ़ हरियाणा
शिक्षा : पीएच. डी. (जारी) एम. एससी (बायो एवं आईटी), एम.ए. (हिंदी, अंग्रेजी एवं राजनीति शास्त्र), एमसीए, एम. एड., पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर, पी जी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म एवं मास कम्यूनिकेशन, पी जी डिप्लोमा इन गांधियन स्टडिज, गोल्ड मेडलिस्ट पंजाब वि.वि.।
रचनाएं : अब तक विभिन्न विषयों पर २४ पुस्तकें प्रकाशित। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में शोधपत्र प्रकाशित, विभिन्न पत्र एवं पत्रिकाओं में कहानी, लेख, मुक्तक, क्षणिकाएं, प्रेरक प्रसंग, कविताएं प्रकाशित होती रहती हैं।
हरियाणा साहित्य अकादमी से अनुमोदित पुस्तकों में : आवाज, बाल कहानियां, उपयोगी पेड़ पौधे, शिक्षा एक गहना
व्यवसाय : लेखक, पत्रकार एवं शिक्षण कार्य में श्रेष्ठता।
सम्मान : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा कहानी लेखन में प्रथम पुरस्कार सहित पांच दर्जन सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा सम्मानित। महेंद्रगढ़ न्यायाधीश द्वारा रजत पदक से सम्मानित। अरुंधती वशिष्ठ अनुंसधान पीठ द्वारा देशभर से आयोजित निबंध लेखन में एक्सीलेंस अवार्ड। हरियाणा के राज्यपाल से पुरस्कृत। तीन शोध भी प्रकाशित
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।


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