Tuesday, June 23राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

मनुष्य बचा रहे

सुरेन्द्र कल्याण बुटाना
करनाल (हरियाणा)

********************

युद्धों से नहीं,
प्रेम से चलती है पृथ्वी।

तलवारें
सीमाएँ बना सकती हैं,
घर नहीं।

घृणा
भीड़ जुटा सकती है,
समाज नहीं।

मैंने देखा है-
एक सैनिक की माँ
सीमा के दोनों ओर
एक जैसी रोती है।

एक बच्चे का भय
किसी धर्म का नहीं होता।

एक भूखे मनुष्य की रोटी
किसी राष्ट्र की नहीं होती।

फिर हम क्यों
नामों, झंडों और दीवारों में
मनुष्य को बाँटते हैं?

समय की सबसे बड़ी आवश्यकता
नई विजय नहीं,
मनुष्य का बचा रहना है।

क्योंकि
यदि प्रेम हार गया,
तो जीतकर भी
हम हार जाएँगे।

परिचय :-  सुरेन्द्र कल्याण बुटाना
जन्म : २१ जून १९९५
निवासी : ग्राम बुटाना, जिला जिला करनाल (हरियाणा)
प्रकाशित कृतियां : हिंदी कहानी पुस्तक “प्रतिज्ञा दोस्ताना (गज़ब दोस्ताना)”, हरियाणवी कविता संग्रह “समाज” शामिल हैं।
रुचि : हिंदी एवं हरियाणवी भाषा में काव्य लेखन के साथ पटकथा लेखन, संवाद लेखन तथा स्वतंत्र फिल्म निर्देशन में भी रुचि रखते हैं।
विशेष : आपकी रचनाओं के केंद्र में मानवीय संवेदना, सामाजिक यथार्थ, ग्रामीण जीवन, करुणा, पर्यावरण और समकालीन चिंतन प्रमुख रूप से रहते हैं। आपकी रचनाएँ विभिन्न साहित्यिक मंचों एवं पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। वर्ष २०१६ में प्रकाशित कविता “एक नज़र” के लिए उन्हें भारतीय दलित साहित्य अकादमी सम्मान प्राप्त हुआ।
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।

कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें …🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर 98273 60360 पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु हमारे चलभाष क्रमांक 98273 60360 पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…🙏🏻

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *