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आज का पञ्चांग ०१ सितम्बर सन २०१९ ईस्वी

📜««« आज का पञ्चांग »»»📜

कलियुगाब्द……………………..५१२१
विक्रम संवत्…………………….२०७६
शक संवत्……………………….१९४१
मास……………………………भाद्रपद
पक्ष………………………………शुक्ल
तिथी…………………………..द्वितीया
प्रातः ०८ .२७ पर्यंत पश्चात तृतीया
रवि…………………………दक्षिणायन
सूर्योदय…………प्रातः ०६ .०९ .२५ पर
सूर्यास्त…………संध्या ०६ .४४ .५२ पर
सूर्य राशि…………………………सिंह
चन्द्र राशि……………………….कन्या
नक्षत्र…………………..उत्तराफाल्गुनी
प्रातः ११ .०८ पर्यंत पश्चात हस्त
योग……………………………..साध्य
प्रातः ०९ .३१ पर्यंत पश्चात शुक्ल
करण…………………………..कौलव
प्रातः ०८ .२७ पर्यन्त पश्चात तैतिल
ऋतु………………………………वर्षा
दिन……………………………रविवार

🌞 उदय लग्न मुहूर्त :-
सिंह
०५ :०८ :५१ ०७ :२० :४५
कन्या
०७ :२० :४५ ०९ :३१ :३०
तुला
०९ :३१ :३० ११ :४६ :०९
वृश्चिक
११ :४६ :०९ १४ :०२ :०९
धनु
१४ :०२ :०९ १६ :०७ :२१
मकर
१६ :०७ :२१ १७ :५३ :५२
कुम्भ
१७ :५३ :५२ १९ :२६ :४४
मीन
१९ :२६ :४४ २० :५७ :१४
मेष
२० :५७ :१४ २२ :३७ :१७
वृषभ
२२ :३७ :१७ २४ :३५ :२२
मिथुन
२४ :३५ :२२ २६ :४८ :४७
कर्क
२६ :४८ :४७ २९ :०४ :५५

🇬🇧 आंग्ल मतानुसार :-
०१ सितम्बर सन २०१९ ईस्वी ।

 

🍃 हरितालिका तीज व्रत विचार :

देशभर के विद्वत धर्मशास्त्रियों ने शास्त्र को प्रमाण बनाकर तृतीया तिथि के क्षय के कारण उपस्थित वाद का मोचन किया है… धर्मसिन्धु एवम निर्णय सिंधु के अनुसार चतुर्थी एवं हस्त नक्षत्र से युक्त तृतीया ही सौभाग्यदायिनी है… द्वितीया के साथ तृतीया व्रती को अभीष्ट प्रदान नही करेगी एवं शास्त्र सम्मत भी नही है… पारण का विधान भी चित्रा नक्षत्र में है… चतुर्थी हस्त नक्षत्र सहिताया तु सा तृतीया फलप्रदा सोमवार को तृतीया का पूर्ण मान, हस्त नक्षत्र का उदयातिथि योग तथा सायंकाल चतुर्थी तिथि की पूर्णता तीज पर्व की महत्ता को बढ़ाती है । हस्त नक्षत्र में तीज का पारण वर्जित है, जबकि रविवार ०१ सितंबर को व्रती महिलाओं को ०२ सितंबर दिन सोमवार के भोर में पारण हस्त नक्षत्र में ही करना पड़ेगा, ०३ सितंबर दिन मंगलवार के भोर में चित्रा नक्षत्र का पारण सौभाग्य-वृद्धि में सहायक माना गया है। अतः सर्वसिद्ध हरितालिका तीज व्रत चतुर्थी युक्त तृतीया एवं हस्त नक्षत्र के कारण ०२ सितंबर, सोमवार को ही मान्य है ।

👁‍🗨 राहुकाल :- (अशुभ) :-
संध्या ०५ .०७ से ०६.४० तक ।

☸ शुभ अंक……………………९
🔯 शुभ रंग…………………लाल

👁‍🗨 अभिजीत मुहूर्त :-
दोप १२ .०१ से १२ .५१ तक ।

👁‍🗨 गुलिक काल :-
दोप ०३ .३३ से ०५ .०७ तक ।

🚦 दिशाशूल :-
पश्चिमदिशा – यदि आवश्यक हो तो दलिया, घी या पान का सेवनकर यात्रा प्रारंभ करें।

✡ चौघडिया :-
प्रात: ०७ .४५ से ०९ .१८ तक चंचल
प्रात: ०९ .१८ से १० .५२ तक लाभ
प्रात: १० .५२ से १२ .२५ तक अमृत
दोप. ०१ .५९ से ०३ .३२ तक शुभ
सायं ०६ .३९ से ०८ .०६ तक शुभ
रात्रि ०८ .०६ से ०९ .३३ तक अमृत
रात्रि ०९ .३३ से १० .५९ तक चंचल ।

📿 आज का मंत्र :-

|| ॐ इन्द्रानुजाय नमः ||

 संस्कृत सुभाषितानि :-
कोऽर्थः पुत्रेण जातेन यो न विद्वान न धार्मिकः ।
काणेन चक्षुषा किं वा चक्षुःपीडैव केवलम् ॥
अर्थात :-
जो विद्वान और धार्मिक नहीं ऐसा पुत्र जनने से क्या लाभ ? एक आँख का क्या उपयोग ? वह तो केवल पीडा ही देती है !

🍃 आरोग्यं :-

रामबाण गिलोय

इम्यूनिटी बढ़ाएं –
गिलोय में एंटीऑक्सिडेंट गुण होते हैं, जो खतरनाक रोगों से लड़कर शरीर को सेहतमंद रखते है । गिलोय किडनी और लिवर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती है और खून को साफ करती है। नियमित रूप से गिलोय का जूस पीने से रोगों से लड़ने की क्षमता में बढ़ोत्तरी होती है।

सर्दी-खांसी दूर भगाए –
किसी व्यक्ति को लगातार सर्दी-खांसी-जुकाम की समस्या हो रही हो तो उन्हें गिलोय के रस का सेवन कराएं। दो चम्मच गिलोय का रस हर रोज सुबह लेने से खांसी से काफी राहत मिलती है। यह उपाय तब तक आजमाएं, जब तक खांसी पूरी तरह ठीक न हो जाए।

⚜ आज का राशिफल :-

🐏 राशि फलादेश मेष :-
(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)

धार्मिक कृत्यों पर व्यय होगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेंगे। आशंका-कुशंका के चलते निर्णय लेने की क्षमता कम हो सकती है। आत्मविश्वास बनाए रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। विवेक से कार्य करें, लाभ होगा। प्रसन्नता में वृद्धि होगी।

🐂 राशि फलादेश वृष :-
(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)

वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। शारीरिक हानि हो सकती है। किसी अपने से बेबात विवाद हो सकता है। मान कम होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश में जल्दबाजी न करें। सुख के साधनों पर व्यय होगा।

👫 राशि फलादेश मिथुन :-
(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)

कोई पुराना रोग दु:ख का कारण बन सकता है। लापरवाही न करें। शत्रुभय बना रहेगा। फालतू खर्च पर नियंत्रण रखें। कोर्ट-कचहरी व सरकारी कामों में सहूलियत रहेगी। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। कारोबार से लाभ होगा। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे।

🦀 राशि फलादेश कर्क :-
(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)

लेन-देन में सावधानी रखें। चोट व रोग से बचें। अज्ञात भय सताएगा। स्थायी संपत्ति की खरीद-फरोख्त लाभकारी रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। नए बड़े काम मिल सकते हैं। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🦁 राशि फलादेश सिंह :-
(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। यात्रा मनोरंजक रहेगी। विद्यार्थी वर्ग का अध्ययन में मन लगेगा। शोध इत्यादि कार्य सफल रहेंगे। स्वादिष्ट भोजन का लाभ प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में नया कार्य कर पाएंगे।

👩🏻‍🦰 राशि फलादेश कन्या :-
(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)

अकारण विवाद हो सकता है। स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। दूर से शोक समाचार मिल सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। मन खिन्न रहेगा। काम में मन नहीं लगेगा। कुसंगति से हानि संभव है। व्यापार ठीक चलेगा। नौकरी में कार्यभार बढ़ सकता है।

⚖ राशि फलादेश तुला :-
(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)

संतान पक्ष से स्वास्थ्य व अध्ययन संबंधी चिंता रहेगी। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। धनलाभ के अवसर प्राप्त होंगे। थोड़ प्रयास से ही कार्यसिद्धि होगी। घर-बाहर सम्मान मिलेगा। व्यापार अच्छा चलेगा।

🦂 राशि फलादेश वृश्चिक :-
(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

दूर से शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। थकान रह सकती है। बड़ा काम करने का मन बनेगा। शत्रु नतमस्तक होंगे। बुरे लोगों से दूर रहें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में चैन रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🏹 राशि फलादेश धनु :-
(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)

बेचैनी रहेगी। थकान रह सकती है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ के योग हैं। लॉटरी व सट्टे से दूर रहें। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। कारोबार में वृद्धि होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🐊 राशि फलादेश मकर :-
(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)

यात्रा लाभदायक रहेगी। जल्दबाजी न करें। शारीरिक कष्ट संभव है। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। बेवजह विवाद हो सकता है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। स्वास्थ्य पर बड़ा खर्च हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। जोखिम न लें।

🏺 राशि फलादेश कुंभ :-
(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)

पुरानी वसूली जो नहीं हो पा रही थी, अब वसूली जा सकती है, प्रयास करें। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। भाग्य का साथ मिलेगा। नेत्र पीड़ा हो सकती है।

🐡 राशि फलादेश मीन :-
(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)

हल्के हंसी-मजाक से बचें। जल्दबाजी से हानि हो सकती है। शारीरिक कष्ट संभव है। कानूनी अड़चन आ सकती है। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार हो सकता है। नए काम मिलेंगे। भाग्य की अनुकूलता का लाभ लें। आलस्य से बचें।

☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।


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