प्रेम दिवानी
डोमेन्द्र नेताम (डोमू)
डौण्डीलोहारा बालोद (छत्तीसगढ़)
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ऐसी लागी लगन,
मीरा हो गई मगन।
वो प्रभु गुन गाती रही,
हो के मगन।।
बंधन है प्रभु से रिश्तों के
दिल से हम निभाएगे।
प्यार, स्नेह, दुलार से
पावन रिश्ते को सजाएंगे।।
प्रभु के प्रति है,
अटूट स्नेह प्रेम।
मीरा की है अटूट विश्वास,
नही है कोई क्लेम।।
दीया और बाती हम
पवित्र है जिनका बंधन।
ऐसी मेरी प्रभु के
साथ बंधा रहे बंधन।।
तहे दिल से करते है
हम सादर वंदन प्रणाम।
स्वीकार कीजिएगा
प्रभुजी हमारा प्रणाम।।
पुष्प गुच्छ और तिलक
चंदन स्वागत और वंदन।
प्रभुजी मेरी हृदय में
आपका है हार्दिक अभिनंदन।।
हम साथ-साथ है तो
साथ निभाना प्रभु जी मेरी।
प्रेम प्यार विश्वास को
मत छोड़ना हे कृष्ण मुरारी।।
हर शाम किसी के लिए
सुहानी नही होती।
हर चाहत के पिछे
कोई कहानी नही होती।।
कुछ तो बात है
मोहब्बत...


















