
बोहड़ाकलां मानेसर। प्रज्ञा साहित्यिक मंच रोहतक तथा शब्दशक्ति गुरुग्राम द्वारा बोहड़ाकलां (मानेसर) स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर के सुंदर प्राकृतिक परिवेश में “क्षेत्रीय साहित्य समरसता उत्सव” सम्पन्न हुआ।
शताधिक पुस्तकों के रचियेता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ मधुकांत की अध्यक्षता, आकाशवाणी रोहतक से जयभगवान पराशरजी के विशिष्ट अतिथित्व एवं चर्चित संस्था ‘शब्दशक्ति’ के अध्यक्ष भाई नरेंद्र गौड़ के कुशल संचालन में संयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में पुस्तक-लोकार्पण, चर्चा, लघुकथा, कविता, गीत, भजन, संस्मरण, गज़ल, शेरोशायरी आदि का मिलाजुला ख़ुशनुमा माहौल हृदय को छू गया। जैसा कि साहित्यिक मित्रों से मिलना-मिलाना ऐसे आयोजनों का मुख्य आकर्षण रहता है। वह भी यहां बख़ूबी पूर्ण हुआ। कार्यक्रम में डॉ रमाकांता, शामलाल कौशल, विजय विभोर, सत्यप्रकाश भारद्वाज, स्नेहलता-हरेंद्र युगल, ललितजी आदि अनेकनेक साथियों से सार्थक भेंट हुई.. वरिष्ठ साहित्यकार आदरणीय अशोक वर्मा, डॉ हरनाम शर्मा एवं जाने माने शायर आरके पंकजजी, अनिल शुर आजाद आदि साहित्यकार उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में हाल में दिवंगत हुए लेखक साथी आदरणीय लज्जाराम राघवजी के साहित्यिक अवदान का उल्लेख करते हुए उनकी स्मृति में दो मिनट का मौन भी रखा गया।
शताधिक पुस्तकों के रचियेता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ मधुकांत की अध्यक्षता, आकाशवाणी रोहतक से जयभगवान पराशरजी के विशिष्ट अतिथित्व एवं चर्चित संस्था ‘शब्दशक्ति’ के अध्यक्ष भाई नरेंद्र गौड़ के कुशल संचालन में संयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में पुस्तक-लोकार्पण, चर्चा, लघुकथा, कविता, गीत, भजन, संस्मरण, गज़ल, शेरोशायरी आदि का मिलाजुला ख़ुशनुमा माहौल हृदय को छू गया। जैसा कि साहित्यिक मित्रों से मिलना-मिलाना ऐसे आयोजनों का मुख्य आकर्षण रहता है। वह भी यहां बख़ूबी पूर्ण हुआ। कार्यक्रम में डॉ रमाकांता, शामलाल कौशल, विजय विभोर, सत्यप्रकाश भारद्वाज, स्नेहलता-हरेंद्र युगल, ललितजी आदि अनेकनेक साथियों से सार्थक भेंट हुई.. वरिष्ठ साहित्यकार आदरणीय अशोक वर्मा, डॉ हरनाम शर्मा एवं जाने माने शायर आरके पंकजजी, अनिल शुर आजाद आदि साहित्यकार उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में हाल में दिवंगत हुए लेखक साथी आदरणीय लज्जाराम राघवजी के साहित्यिक अवदान का उल्लेख करते हुए उनकी स्मृति में दो मिनट का मौन भी रखा गया।
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