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Tag: आशीष कुमार पाण्डेय

किसी मोड पर
कविता

किसी मोड पर

आशीष कुमार पाण्डेय कानपुर उत्तर प्रदेश ******************** मै सोचता हूँ, की वो किसी मोड़ पर दिख जाये। मुझको देखे, और थोड़ा सा मुस्कुराए।। वो साड़ी में कैसी लगती होगी, वो घडी की जगह चूड़ियाँ कैसे सजती होगी। क्या वो मुझसे मिलेगी, और गले लग जाएगी, या मुझको देखते ही वहाँ से चली जाएगी।। पर कही वो मुझे भूल ना जाये। मै सोचता हूँ की वो किसी मोड़ पर दिख जाये।। वो दो चोटी वाले बाल, आज खुले होगें ना। वो आँखो में सुरमा, होंठो में लाली होगी ना।। अब वो किसी और की, घरवाली होगी ना। क्या वो यहाँ आकर बगीचे में आयेगी, मेरे बारे में सोच कर, अपने आँसुओ को बहायेगी।। क्या वो मुझको, अब भी अपनी मोहब्बत कहती होगी। या एक बुरा समय सोचकर, भूलजाने की कोशिश करती होगी।। पर मै सोचता हूँ की, कही उसे मेरा एक पुराना खत मिल जाये। मै सोचता हूँ की, वो किसी मोड़ पर दिख जाये।। परिचय :-  आशीष कुमार प...
नैनो में
कविता

नैनो में

आशीष कुमार पाण्डेय कानपुर उत्तर प्रदेश ******************** वो पलकों को छपकते ही, आँखों में बस जाती है। जब थाल में दिये लेकर, वों घर के बाहर आती है, उसके सौन्दर्य का, क्या वर्णन करू मै, वो हँसी खाव्ब सी लगती है, कभी-कभी तो वो मुझको, किसी कवि की कल्पना लगती है, वो जुल्फो का गालो पर आना, फिर हाथो से उसे हटाना, मेरा हैप्पी दीवाली, उसका सेम टू यू कह कर जाना, उसे देखने के लिए, बहार बैठे गुनगुनाना, उसका मुझको देख कार हसना, मेरा उसको बार-बार तकना, वो रोज मेरे गली से ही जाती है, वो पलकों को छपकते ही, आँखों में बस जाती है परिचय :-  आशीष कुमार पाण्डेय निवासी : कानपुर उत्तर प्रदेश प्रमाणित किया जाता है कि रचना पूर्णतः मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि हिंदी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं फोटो के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, हिंदी रक्षक मंच पर अपनी कव...