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Tag: डॉ. मिनाक्षी अनुराग डालके

कर्तव्य के मोल
कविता

कर्तव्य के मोल

डॉ. मिनाक्षी अनुराग डालके मनावर जिला धार (मध्य प्रदेश) ******************** सपने अपने त्याग कर जो निभाए अपनों का संग आशाओं का समुद्र ना पहचाने बस जाने अपनों के सपनों के रंग जो ना करें रिश्तो में तोल मोल बस वही जाने कर्तव्य का मोल, वह लड़े कभी अपनों के लिए और कभी लड़े उनके सपनों के लिए लेकिन बांधे ना कभी अपनी ख्वाहिशों की पुड़िया उसकी तो बस संघर्षों की दुनिया जो बोले प्रेम के बोल वही जाने कर्तव्य के मोल, जो ना समझे अपनों का मान उन्हें क्या होगी कर्तव्य की पहचान जो छोटा होकर भी बांधे परिवार की डोर जैसे मिले दो नदियों के छोर उसके आगे किसी का ना कोई मोल वही जाने कर्तव्यों के मोल, परिचय : डाॅ. मिनाक्षी अनुराग डालके निवासी : मनावर जिला धार मध्य प्रदेश घोषणा पत्र : प्रमाणित किया जाता है कि रचना पूर्णतः मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख,...
जीवन के संघर्ष
कविता

जीवन के संघर्ष

डॉ. मिनाक्षी अनुराग डालके मनावर जिला धार (मध्य प्रदेश) ******************** कभी लगती थी ये जिंदगी मानों हो हरियाली सावन की अब लगे ऐसे जैसे हो कहानी पतझड़ की ना है अब जिद कुछ पाने की और ना रही उमंग अरमानों की क्यूंकि अब है बारी संघर्षमय जीवन की.... समय ने ऐसा ख़ेल दिखाया एक दूजे से दूर कराया जहां महकती थीं कभी ख़ुशबू बागो की आज पसरती है यादें सन्नटाओ की बस अब रह गई बाते उस ज़माने की क्यूंकि अब है बारी संघर्षमय जीवन की.... अपने पराए की जान ली परिभाषा अब समझी हमने दुख की भाषा ना धर्म समझ में आया ना कर्म समझ मैआया हे ईश्वर तूने यह क्या इंसाफ दिखाया लगें रोशनी ने भी ओढ़ ली चादर अंधियारों की शायद इसीलिए बारी आई है संघर्षमय जीवन की परिचय : डाॅ. मिनाक्षी अनुराग डालके निवासी : मनावर जिला धार मध्य प्रदेश घोषणा पत्र : प्रमाणित किया जाता है कि रचना पूर्णतः मौलि...
मेरे हमसफर
कविता

मेरे हमसफर

डॉ. मिनाक्षी अनुराग डालके मनावर जिला धार (मध्य प्रदेश) ******************** तुम संग बंधी जिंदगी की डोर है हम हैं साथ तो हर दिन एक नई भोर है नदियों जैसा हो संगम अपना संग एक दूजे के रहना ऐसा अटूट बंधन बनाएंगे ऐ मेरे हमसफ़र बस यूं ही साथ निभाएंगे... जीवन की इस कठिन डगर को हंस खेलकर बिताएंगे कभी उदासी में मुस्कुराएंगे तो कभी मुस्कुरा कर उदास हो जाएंगे इसी विश्वास से जीवन की नैया को पार लगाएंगे ऐ मेरे हमसफर बस यूं ही साथ निभाएंगे.... 'मैं' 'तुम 'से ऊपर उठकर 'हम'का सम्मान बढ़ाएंगे आए घड़ी कोई अग्नि परीक्षा की तो कदम से कदम मिलाएंगे सात फेरों के अनमोल वचनों को कभी नहीं भुलाएंगे ऐ मेरे हमसफ़र बस यूं ही साथ निभाएंगे.... परिचय : डाॅ. मिनाक्षी अनुराग डालके निवासी : मनावर जिला धार मध्य प्रदेश घोषणा पत्र : प्रमाणित किया जाता है कि रचना पूर्णतः मौलिक है। आप भी अपनी कव...
औरत की परिभाषा
कविता

औरत की परिभाषा

डॉ. मिनाक्षी अनुराग डालके मनावर जिला धार (मध्य प्रदेश) ******************** ऊंचे ऊंचे सपनों की उड़ान भरती है कभी डरती है कभी सहम् सी जाती हैं जीवन जीने का जो तरीका सिखाती है मुश्किलों में भी आशाओं का जो दीपक जलाएं रखती हैं यही नारी की परिभाषा कहलाती है.... मान सम्मान की जो हकदार होती हैं यह दुनिया जिसकी कर्जदार होती है कठिन मार्ग पर भी जो हंस के गुजरती हैं हर इच्छा को अपना जुनून बनाती हैं यही नारी की परिभाषा कहलाती है नारी है तो दो कुलों की शान है नारी से ही घर की रौनक हैं नारी ही अभिमान है नदी के दो छोरो को जो जोड़ना जानती है यही नारी की परिभाषा कहलाती है परिचय : डाॅ. मिनाक्षी अनुराग डालके निवासी : मनावर जिला धार मध्य प्रदेश घोषणा पत्र : प्रमाणित किया जाता है कि रचना पूर्णतः मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने...
प्यारे शिक्षक
कविता

प्यारे शिक्षक

डॉ. मिनाक्षी अनुराग डालके मनावर जिला धार (मध्य प्रदेश) ******************** प्यारे शिक्षक शिक्षक रूप है भगवान के दिखाते हैं रास्ते सन्मार्ग के सिखाते हैं, समझाते है और भरते हैं भंडार ज्ञान के शिक्षक रूप है भगवान के ऊंच-नीच का भेद मिटाकर देते है सबको एक ही ज्ञान ना कोई छोटा ना कोई बड़ा करते हैं काम इमान के शिक्षक रूप है भगवान के हर कदम पर जो दे साथ कठिन रास्तों में दिखाएं राह आसान यही है उनकी पहचान जो जलाते हैं दिए संस्कार के शिक्षक रूप है भगवान के गोविंद से बड़ा जिनका है नाम संसार दे जिन्हें ईश्वर रूपी सम्मान परम पूज्य ऐसे गुरुओं को मेरा प्रणाम जो दे सौगात शिक्षा रूपी उपहार के ऐसे शिक्षक रूप है भगवान के ऐसे शिक्षक रूप में भगवान के परिचय : डाॅ. मिनाक्षी अनुराग डालके निवासी : मनावर जिला धार मध्य प्रदेश घोषणा पत्र : प्रमाणित किया जाता है कि रचना पूर्णतः मौलिक ...
मेरे सपने
कविता

मेरे सपने

डॉ. मिनाक्षी अनुराग डालके मनावर जिला धार (मध्य प्रदेश) ******************** अभी तो मेरे सपनों की बहुत बड़ी उड़ान बाकी है बहुत कुछ पा लिया और बहुत कुछ पाने की ख्वाहिश बाकी है... हर वक्त मन में एक हलचल सी रहती है जैसे सागर में लहरों का शोर अभी और बाकी है कभी-कभी लगे कि बहुत कुछ है जीने के लिए मेरे पास.... लेकिन कभी लगे ऐसा जैसे अभी तो अपनी पहचान बनाना बाकी है... कभी दिल कहता है कि छोड़ दे उम्मीदें लगाना लेकिन कभी लगे ऐसा जैसे अभी तो आसमान से तारे तोड़कर लाना बाकी है... शायद इसीलिए मेरे सपनों की अभी एक और उड़ान बाकी है अभी एक और उड़ान बाकी है परिचय : डाॅ. मिनाक्षी अनुराग डालके निवासी : मनावर जिला धार मध्य प्रदेश घोषणा पत्र : प्रमाणित किया जाता है कि रचना पूर्णतः मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिंदी रक्षक मंच पर अपने परिचय ...
मेरे पापा
कविता

मेरे पापा

डॉ. मिनाक्षी अनुराग डालके मनावर जिला धार (मध्य प्रदेश) ******************** मेरे पापा मैं मुस्कुराऊ तो खुद मुस्कुराते, मैं रोऊ तो खुद भी रोने लग जाते, मेरी खुशी में खुश होते, मेरे गमों में मुझे समझाते ऐसे मेरे पापा..... अभी तो मैंने पापा बोलना भी नहीं सीखा, लेकिन जब बोलूंगी, तो जो खुशी से झूमेंगे और मुझे अपनी बाहों में ले लेंगे ऐसे मेरे पापा... जिनकी उंगली पकड़कर में चलना सिंखुगी जिनके आवाज लगाते दौड़ी चली आऊंगी बिना मेरे कुछ मांगे जो मुझे दिला दे जो मेरी हर इच्छा पूरी करवा दे ऐसे मेरे पापा... मैं ही उनकी दुनिया उनकी दुजी ना कोई इच्छा बस हमेशा मेरे लिए प्यार ऐसे मेरे पापा.... परिचय : डाॅ. मिनाक्षी अनुराग डालके निवासी : मनावर जिला धार मध्य प्रदेश घोषणा पत्र : प्रमाणित किया जाता है कि रचना पूर्णतः मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि...