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Tag: निर्दोष लक्ष्य जैन

प्यारी भाभी
कहानी

प्यारी भाभी

निर्दोष लक्ष्य जैन धनबाद (झारखंड) ********************  सीमा ओर रीता दोनों एक ही कॉलेज ओर एक ही क्लास में पढ़ती है, दोनों पक्की सहेली है। रीता के पिता का इलेक्ट्रॉनिक समान का बड़ा शोरूम था। सीमा एक गरीब मजदूर की बेटी थी। इससे उनकी दोस्ती पर कोईप्रभाव नहीं पड़ा। दोनों में अटूट प्रेम था। रीता का बर्थडे था उसने सीमा को निमंत्रित किया ओर तुम्हें बर्थडे पार्टी में जरूर आना है अन्यथा मैं केक नहीं काटुंगी सीमा को रीता की जिद्द के आगे झुकना पड़ा उसने हाँ कर दी। शाम को जब पार्टी के लिये तईयार होने लगी तो उसे एक भी ऐसे कपड़े नजर नहीं आये जिन्हे पहनकर पार्टी में जा सके उसने जाने का प्रोग्राम कैंसिल करना पड़ा वह नहीं चाहती थी की उसके चलते सीमा को शर्मिंदगी का सामना करना पड़े वह मन मारकर रह गई इधर जब सीमा का इंतजार कर के रीता गाड़ी लेकर उसके घर पहुंची ओर बोली तुम क्यों नहीं आई तुम जानती हो मैं...
दिवाली के पटाखे
लघुकथा

दिवाली के पटाखे

निर्दोष लक्ष्य जैन धनबाद (झारखंड) ******************** श्याम ओर मोहन दोनों में घनिष्ट मित्रता थी। दोनों एक-एक दूसरे पर हमेशा समर्पण का भाव रखते है। स्कूल से कालेज तक दोनों टापर थे मोहन फर्स्ट तो सोहन सेकेंड। मोहन जानता था की श्याम जान बूझकर सेकेंड होता है एक प्रश्न हल नहीं करता की मोहन फर्स्ट हो जाए ये बात मोहन के पिताजी भी जानते थे उनकी दोस्ती का लोहा सभी मानते थे। एक साल पहले श्याम के पिता का देहांत होगया था वो एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। उसके घर के हालात ठीक नहीं थे। दीपावली आरही थी, श्याम चिंतित रहता था इस साल दीवाली कैसे मनेगी घर में छोटी बहन भी थी माँ ओर बहन के कपड़े तो जरूरी थे। श्याम की चिंता मोहन से छिपी न रही उसने पूछा श्याम क्यों परेशान हो सच कहो दोस्ती की कसम। श्याम कसम के आगे मजबूर हो गया बोला अब मेरी आगे की पढ़ाई नहीं हो सकती मुझे कही नौकरी करनी पड़ेगी ...
दोस्त
लघुकथा

दोस्त

निर्दोष लक्ष्य जैन धनबाद (झारखंड) ******************** अब्दुल ओर राम दोनों में घनिष्ठ मित्रता थी। दोनों के परिवार वाले भी उनकी दोस्ती से खुश रहते थे। दिवाली दशहरा में राम के नये कपड़े आते तो अब्दुल के भी साथ में आते ईद में अब्दुल के कपड़े बनते तो राम के भी बनते। दोनों की दोस्ती की मिसाल दी जाती कोरोना काल में राम के पिताजी कोरोना की चपेट में आ जाते है हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो जाती है। राम घबरा जाता है वह क्या करे उसने सभी रिश्तेदारों को पड़ोसियों को फोन किया परंतु सबने आने से मना कर दिया। राम को समझ में नही आ रहा था वह क्या करे। तभी उसे अब्दुल का ख्याल आया उसने तुरंत फोन किया। ओह ये तो बहुत गलत हुवा तुम घबराओ मत म़ैं पापा के साथ तुरंत पहुँचता हुँ। थोड़ी देर में अब्दुल अपने पिता, चाचा ओर भाई के साथ हॉस्पिटल में आता है। अब्दुल के पिता ने राम को सांत्वना दी ओर अ...
स्वदेशी अपनाइए
कविता

स्वदेशी अपनाइए

निर्दोष लक्ष्य जैन धनबाद (झारखंड) ******************** स्वदेशी अपनाइए स्वदेशी अपनाइए देश की शान बढ़ाइए देश का मान बढ़ाइए राष्ट्र भक्ति जगाइए जन जन कॊ समझाइए स्वदेशी अपनाइए स्वदेशी अपनाइए ॥ स्वाभिमान दिखा इए स्वदेशी अपनाइए आत्म सम्मान बचाइए स्वदेशी अपनाइए देश का मान बढ़ाइए स्वदेशी अपनाइए आत्म निर्भर बनाइए स्वदेशी अपनाइए ॥ देश का विकाश होगा हर हाथ रोजगार होगा आर्थिक सुधार होगा देश खुशहाल होगा छोड़िए मेड इन फ्रांस इंग्लैड चाईना जापान मूँछें ऐंठीये और अपनाइये मेड इन हिंदुस्तान ॥ शान से तिरंगा फहराए दुनियाँ कॊ दिखलाइए जन जन कॊ समझाइए स्वदेशी अपनाइए शुद्ध स्वच्छ स्वस्थ रहिये स्वदेशी अपनाइए "लक्ष्य" यही बनाइए स्वदेशी अपनाइए ॥ परिचय :- राजीव निर्दोष लक्ष्य जैन निवासी - धनबाद (झारखंड) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचन...