मौर्य काल में भोजन, पाककला और भोजन नियम
भीष्म कुकरेती
मुम्बई (महाराष्ट्र)
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भारत में भोजन इतिहास
भारतीय इतिहास का मौर्य काल (लगभग ३२२ ईसा पूर्व से १८५ ईसा पूर्व) न केवल राजनीतिक सुदृढ़ता, प्रशासनिक दक्षता और विशाल साम्राज्य के लिए जाना जाता है, बल्कि यह संस्कृति, कला, अर्थव्यवस्था और खान-पान के विकास का भी एक स्वर्ण युग था। मौर्य साम्राज्य के दौरान भारतीय समाज में कृषि का अभूतपूर्व विस्तार हुआ, व्यापारिक मार्ग सुदृढ़ हुए और देश-विदेश से सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ा। इसका सीधा प्रभाव तत्कालीन जनजीवन, भोजन की विविधता, पाककला (Culinary Arts) और भोजन से जुड़े सामाजिक तथा धार्मिक नियमों पर पड़ा। इस काल की भोजन व्यवस्था और पाककला की जानकारी हमें मुख्य रूप से कौटिल्य (चाणक्य) द्वारा रचित 'अर्थशास्त्र', यूनानी राजदूत मेगास्थनीज के यात्रा वृत्तांत 'इंडिका', अशोक के शिलालेखों तथा उस काल के बौद्ध और जैन ग्रंथों से प्र...

