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Tag: मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव

उनकी इस महफ़िल में
कविता

उनकी इस महफ़िल में

मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव बिजनौर, लखनऊ ******************** रौनक भरी उनकी इस महफ़िल में, उनके लिए मेरा मन क्यों उदास है? खड़ें हैं सामने उनके सभी भीड़ में, नहीं वो क्यों मेरे पास हैं? चारों ओर शोर ठहाका नजारों में, पर होंठ क्यों मेरे चुपचाप हैं? सभी व्यस्त इधर उधर की बातों में, हम बतियाते क्यों अपने आप हैं? मुंह फेर कोई बात ना करे हमसे, हमें फिर क्यों उनका इंतजार है? हर कोई दोस्तों से घिरा, मगर अकलेपन में हमें क्यों उनकी तलाश है? न बात करते हों मुझसे वो अब, फिर मुझे क्यों उनसे ये आस है? उनके बेरुखे व्यवहार में किस्सा कोई जरूर है, मगर कसूर क्या मेरा, मसरूफियत क्यों मुझसे है? बेशक रूठकर मुझसे दूर वो चलें जायें, दूर होकर भी मुझे क्यों उनसे हीं फरियाद है? उनके लिए मेरा मन क्यों उदास है? . परिचय :-  मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव निवासी : बिजनौर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश घो...
तंहा सफर में
कविता

तंहा सफर में

मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव बिजनौर, लखनऊ ******************** यादों के इस तंहा सफर में यादों के इस तंहा सफर में, मनोहर, एक हमसफर की तलाश है दुख के काले अंधियारों में, सुख के पुलकित राहों में, साथ जो निभा सके उम्र भर, मनोहर, एक हमराह की तलाश है यादों के एक हमसफर की यूँ तो चेहरे हैं कई हजार, दुनिया के इस भीड़ में, पर उन हजारों के बीच में, मनोहर, एक अपने की तलाश है यादों के एक हमसफर की जीवन के कड़े संघर्ष में, राह जो दिखा सके अंत तक, पथ प्रदर्शक बन जाये जो, मनोहर, एक उम्रदराज की तलाश है . परिचय :-  मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव निवासी : बिजनौर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश प्रमाणित किया जाता है कि रचना पूर्णतः मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि हिंदी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं फोटो के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, हिंदी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख,...
बेरोजगार नवजवान
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बेरोजगार नवजवान

मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव बिजनौर, लखनऊ ******************** आती हुई कार से एक नवजवान टकरा गया टांग टूटी, हाथ टूटा फिर भी मुस्कराते देख कार वाला चकरा गया, अस्पताल ले जाने के लिए उसे जैसे ही उठाया नवजवान धीरे से बोला- 'कृपया' मुझे अस्पताल ना ले जाईये दुर्घटना से विकलांग हो गया तो मेरी भी तकदीर खुल सकती है, सालो की बेरोजगारी से आरक्षण की बीमारी से मुझे भी आजादी मिल सकती है नौकरी नहीं अब कम-से-कम भीख तो मिल सकती है। . परिचय :-  मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव निवासी : बिजनौर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश प्रमाणित किया जाता है कि रचना पूर्णतः मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि हिंदी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं फोटो के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, हिंदी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, हिंदी में टाईप...