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Tag: मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

पर्यावरण
कहानी

पर्यावरण

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा फतेहाबाद, आगरा (उत्तर प्रदेश) ******************** ऋषि वैदिक विद्यापीठ के आचार्य ऋषि कुमार अपने विद्यार्थियों को पर्यावरण के विषय में पढ़ा रहे थे। कक्षा में शांति थी, सभी छात्र-छात्राएं बड़े मनोयोग से एकचित्त होकर आचार्य श्री की बातों को सुन रहे थे, तभी छात्र विवेक बोल उठा, ‘आचार्य श्री हमें पेड़-पौधों के संबंध में वैज्ञानिक दृष्टि से जानकारी दीजिए क्या इनमें भी प्राण शक्ति होती है।’ आचार्य श्री ने विवेक के प्रश्न को ध्यान से सुना और उसकी शंका मिटाने के लिए जानकारी देने लगे । ‘देखो बच्चों ! हाल ही में पोलैंड के वारसा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने शोध किया और पता लगाया है कि पौधों का भी अपना एक नर्वस सिस्टम होता है। पौधे स्वयं को मौसम के मुताबिक खुद को ढाल लेते हैं। साथ ही अपने अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास भी कर लेते हैं। ठीक हमारी-तुम्हारी तरह, पेड़-...
विश्वधर्म
आलेख

विश्वधर्म

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा फतेहाबाद, आगरा (उत्तर प्रदेश) ******************** अहिंसा, शांति, प्रेम, शिक्षा और साहित्य के अमर साधक, मानवता के अमर पुजारी महात्मा गांधी जी ने विश्व शांति के लिए जीवन भर कार्य किया। पृथ्वी पर भिन्न-भिन्न धर्म, भाषा- बोली, रंग- रूप हैं, परंतु हैं सभी ईश्वर की कृति। महात्मा गांधी जी ने सभी धर्मों का सम्मान किया। उनका मत था सर्वत्र समता और एकता संसार में स्थापित हो। संसार का सार प्रेम है, जो अहिंसा से जन्मता है। हिंसा से जिसका चित दुःखी हो वह मानव है और यही है दुनिया का असली धर्म है। आज समग्र विश्व आतंकवाद, उग्रवाद, संघर्ष की दहशत में जी रहा है। इसका मुख्य कारण प्रतिशोध, घृणा, धर्मवाद, बदले की भावना है। अन्याय तथा शोषण अपने चरम पर है। आग के बदले आग व आंख के बदले आंख इस मानवी सोच ने मानवता को संकट व अशांति में डाल दिया है। इस समस्या का हल अहिंसा, क्षमा, प्रे...
श्रीगणेश
कविता

श्रीगणेश

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा फतेहाबाद, आगरा (उत्तर प्रदेश) ******************** जय-जय श्रीगणेश मूषक वाहन, गजमुख दर्शन शुभ-सुख। रिद्धि -सिद्धि दाता लड्डू भोग लगाता।। जय-जय श्रीगणेश सर्व विघ्नहर्ता शुभ मंगल कर्ता। शिवसुत बुद्धिदाता प्रथमपूज्य वर दाता।। जय-जय श्रीगणेश गणनायक देवा स्वीकार करो सेवा। मां पार्वती के प्यारे सबके राजदुलारे।। जय-जय श्रीगणेश तुम्हीं सर्व सहारा लगा जय-जयकारा। प्रभु छवि उजियारी शुभ मंगलकारी।। परिचय :- मुकेश कुमार ऋषि वर्मा निवासी : फतेहाबाद, आगरा (उत्तर प्रदेश) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को खोलकर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कव...
उर्मिला का विश्वास
कथा

उर्मिला का विश्वास

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा फतेहाबाद, आगरा (उत्तर प्रदेश) ******************** लक्ष्मण जीवन और मृत्यु के बीच की स्थिति मूर्छित अवस्था में थे। उन्हें मेघनाद ने युद्ध में घायल कर दिया था। रामभक्त हनुमान वेद्यों के आदेशानुसार संजीवनी बूटी लेने हिमालय चले गये। लौटते समय अयोध्या से गुजरे तो भरत जी ने राक्षस समझ कर बाण मार दिया। जय श्री राम के उच्चारण से हनुमान व भरत की आपसी शंका दूर हुई। सारा वृत्तांत हनुमान जी ने अयोध्या वासियों को कह सुनाया। सभी दुःखी हो गये सिवाय उर्मिला को छोड़कर... हनुमान जी से उर्मिला की प्रसन्नता देखी न गई। हनुमान जी बोले- ‘देवी! तुम्हारा पति मृत्यु के साये में है। सूर्य उदय होते ही सूर्यकुल का दीपक बुझ जायेगा और तुम विधवा हो जाओगी। तुम्हें तनिक भी अपने पति के प्राणों के संकट की चिंता नहीं। तुम्हारा चेहरा तनिक भी न मुरझाया।’ उर्मिला ने हनुमान की बातों को सुनकर जो ...
हिंदी
कविता

हिंदी

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा फतेहाबाद, आगरा (उत्तर प्रदेश) ******************** मां के आंचल सी पावन हिंदी आंगन में तुलसी सी महके हिंदी। गंगा की निर्मल धारा सी बहती हिंदी दादी मां की मीठी लोरी सी हिंदी। भारत भू के माथे पर सजी हिंदी जन-जन के हृदय में बसी हिंदी। मीरा के भजन सी मधुर हिंदी प्रेमचंद की कथा-व्यथा कहती हिंदी। आज हमारी अमिट पहचान बनी हिंदी आओ राजभाषा से राष्ट्रभाषा बनाएं हिंदी। लाल किले से दहाड़ती शेरनी सी हिंदी देश-दुनिया में परचम लहराती हिंदी। खेतों में खलिहानों में चहकती हिंदी नगरों में महानगरों में बुलंद होती हिंदी। कश्मीर से कन्याकुमारी तक प्यारी हिंदी हैं हम बहुभाषी, एकसूत्र में पिरोती हिंदी। आओ सब जन मिल गुणगान करें हिंदी सब मतभेद भूल, मान बढाएं हिंदी। परिचय :- मुकेश कुमार ऋषि वर्मा निवासी : फतेहाबाद, आगरा (उत्तर प्रदेश) घोषणा पत्र...