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Tag: शंकरराव मोरे

वोट डालने जाना होगा
कविता

वोट डालने जाना होगा

शंकरराव मोरे गुना (मध्य प्रदेश) ******************** वर्ष अठारह पार कर गए, नागरिक धर्म निभाना होगा। वोट डालने जाना होगा।। ओ भारत के रहने वालो, निज कर्तव्य निभाना होगा। वोट डालने जाना होगा।। हो किसान, मजदूर, व्यापारी, अपना फर्ज निभाना होगा। वोट डालने जाना होगा।। शासकीय सेवक पद कोई, पद को आज भुलना होगा। वोट डालने जाना होगा।। महिला पुरुष देश सेवक बन, अपना फर्ज निभाना होगा। वोट डालने जाना होगा।। टाल ना देना समय आलसी, काम देश के आना होगा । वोट डालने जाना होगा।। देशभक्त हो यदि तुम सचमुच, सबको यही सिखना होगा। वोट डालने जाना होगा।। भूल गए यदि मित्र पड़ोसी, उनको याद दिलाना होगा। वोट डालने जाना होगा।। यदि असमर्थ दिखे जो कोई, उसे मदद पहुंचाना होगा। वोट डालने जाना होगा।। मत पूछो किसको देना है, किसको दिया नकहना होगा। वोट डालने जाना होगा।। मत-...
मास्क बनाओ ढा़ल।
कविता

मास्क बनाओ ढा़ल।

शंकरराव मोरे गुना (मध्य प्रदेश) ******************** उड़ती हुई धूल कण से, छोटे कोरोना कण हैं। हैं सुगंध कण जैसे लेकिन, गंध हीनता गुण है।। गोल गोल आकृति पाई है, गोल गोल ही सिर हैं। धूल कणों के साथ तैरते, चलें कभी स्थिर हैं।। कोरोना मरीज के तन से, उड़ते बन गुब्बारे। मानव तन से भूख मिटाने, फिरते मारे मारे।। स्वांसों से कर मेल, नासिका से प्रवेश वे पाते। स्वांस नली से तैर वायरस, फैंफडों में बस जाते।। ऑक्सीजन को हटा, छेद में अपने पैर जमाते। पल-पल में अपने जैसे, लाखों वायरस उपजाते।। साहस का है काम यहां, अपना एकांत बनाना। प्रभु है मेरे साथ स्वयं को, बार-बार समझाना।। जाना आना मास्क लगा, मत पास किसी के जाना। समय बुरा है कुछ दिन तक, घर में भी मास्क लगाना।। कोरोना अदृश्य वायरस है, शत्रु वत आ जाए। ढाल मास्क की धारण करना, ये ही जान बचाए।। विश्व युद्ध यह लड़ना ह...
मास्क बनाओ ढा़ल
कविता

मास्क बनाओ ढा़ल

शंकरराव मोरे गुना (मध्य प्रदेश) ******************** उड़ती हुई धूल कण से, छोटे कोरोना कण हैं। हैं सुगंध कण जैसे लेकिन, गंध हीनता गुण है।। गोल गोल आकृति पाई है, गोल गोल ही सिर हैं। धूल कणों के साथ तैरते, चलें कभी स्थिर हैं।। कोरोना मरीज के तन से, उड़ते बन गुब्बारे। मानव तन से भूख मिटाने, फिरते मारे मारे।। स्वांसों से कर मेल, नासिका से प्रवेश वे पाते। स्वांस नली से तैर वायरस, फैंफडों में बस जाते।। ऑक्सीजन को हटा, छेद में अपने पैर जमाते। पल-पल में अपने जैसे, लाखों वायरस उपजाते।। साहस का है काम यहां, अपना एकांत बनाना। प्रभु है मेरे साथ स्वयं को, बार बार समझाना।। जाना आना मास्क लगा, मत पास किसी के जाना। समय बुरा है कुछ दिन तक, घर में भी मास्क लगाना।। कोरोना अदृश्य वायरस है, शत्रु वत आ जाए। ढाल मास्क की धारण करना, ये ही जान बचाए।। विश्व ...
जन्म दिवस पर बधाई पत्र
कविता

जन्म दिवस पर बधाई पत्र

शंकरराव मोरे गुना (मध्य प्रदेश) ******************** हे जननायक, भाग्य विधायक, अवध बिहारी राम। जन्मदिवस पर अमित बधाई, है धनु धारी नाम।। सोचा था, हम चलें अयोध्या, जाकर करें प्रणाम। त्रेता युग सा, समय आ गया, फैल गया कोहराम।। माता केकई फिर चिंतित हैं, प्रजा पाल हितकारी। गुप्त राक्षस प्रकट हुआ है फैल रही महामारी।। रहो अयोध्या में ही अब प्रभु, नहीं कोई लाचारी। मत जाना वनवास सहा केकई ने अपयश भारी।। अब तो तुम राजा हो जग, के राजनीति अपनाना। कृपा कोर से ही भक्तों की बिगड़ी बात बनाना।। जन्म दिवस पर विनय पत्रिका, लिखकर शब्द, बधाई। विनय स्तुति भूल गए हैं, क्षमा करें रघुराई।। भक्तों की है विनय जगतपति, योद्धा तो है भारी। भरत, शत्रुघ्न, हनुमत, लक्ष्मण, हैं जिनके आभारी।। नवयुग है, नव युवकों ने, इसका रहस्य पहचाना। भक्तों की रक्षा हित हे प्रभु, लव कुश क...
ओरा और कोरा
आलेख

ओरा और कोरा

शंकरराव मोरे गुना (मध्य प्रदेश) ******************** ओरा के विषय में बहुत लोग जानते हैं। ओरा मनुष्य के विचार और कर्मों का शूक्ष्म प्रकाश होता है जो शरीर के बाहर प्रकट होता रहता है। इसे तेज भी कहा जा सकता है। जब हम किसी संत या महात्मा या चिंतक के करीब पहुंचते हैं तो उनके ओरा क्षेत्र में हमारे विचार बदल जाते हैं क्योंकि यह एक सूक्ष्म प्रकाश है और प्रकाश किसी को दिखाई नहीं देता बल्कि उससे वस्तुएं दिखाई देती हैं। भले ही वह वायु में तैरती धूल या अन्य वस्तुएं हों। इसी प्रकार ओरा किसी को दिखाई नहीं देता अच्छे विचारों के प्रभाव से हमारी बुद्धि अच्छा महसूस करने लगती है और यह भी होता है कि हमारी अपनी समस्याएं उस क्षेत्र में आकर अपने आप सुलझने लगती हैं। यही ओरा का प्रकाश होता है। यह प्रकाश दूसरे व्यक्ति को पकड़ भी लेता है या दिया भी जा सकता है। यह गंध जैसा घ्राण इंद्रिय द्वारा भी प्राप्त क...