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Tag: सेवा सदन प्रसाद

ज्ञान
लघुकथा

ज्ञान

सेवा सदन प्रसाद नवी मुंबई (महाराष्ट्र) ******************** कश्मीर की घाटी और सरहदी इलाका। दो आतंकी एक घर में घुसे। पंडित जी और उनकी पत्नी घबरा गये। आतंकी ने बंदूक तानते हुए पूछा- "तुम हिंदू हो या मुस्लिम?" पंडित जी ने बहुत साहस कर बोला- ये दाढ़ी नहीं देख रहे, मैं भी तुम जैसा ही मुसलमान हूं। "अगर मुसलमान हो तो कुरान की आयत सुनाओ।" आतंकी ने कहा। पंडित जी तब पेशोपेश में पङा गये। मन ही मन भगवान को याद कर गीता का श्लोक सुना दिया। आतंकवादी वापस चले गये। पंडिताईन तब घबराती हुई बोली- "एक तो आपने इतना बड़ा झूठ बोला, ऊपर से कुरान के आयत के बदले गीता का श्लोक सुना दिया। अगर वो जान से मार देते तो?" "पंडित जी ने तब हंसते हुए कहा- "भाग्यवान, अगर उन्हें इतना ही ज्ञान होता तो आतंकवादी क्यों बनते।" परिचय : सेवा सदन प्रसाद निवासी - नवी मुंबई (महाराष्ट्र) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार ...
हिचक
लघुकथा

हिचक

सेवा सदन प्रसाद नवी मुंबई (महाराष्ट्र) ******************** "काका कोरोना का टीका आ गया है। वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता दी जाएगी। अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है।" गोमू ने काका को समझाते हुए कहा। "नहीं, मैं यह टीका नहीं लूंगा- पता नहीं क्या हो जाय?" काका के स्वर में भय एवं हिचकिचाहट का मिला जुला भाव था। "काका कुछ नहीं होगा- बीमारी से लङने की क्षमता बढेगी।" "अब कौन सा मैं मुंबई शहर में हूं। पैदल ही सही पर अपना गांव तो आ गया। यहां कुछ खतरा नहीं है। नहीं लेना है टीका-वीका।" "काका आपको मुंबई से गांव आने में कितनी मुसीबतें झेलनी पङी और आने में लगभग दस दिन लग गये। पर कोरोना को पुनः शहर से गांव आने में चंद मिनट ही लगेंगे।" भतीजे की बात सुनकर काका पुनः सहम गया और हिचक गायब हो गई..... परिचय : सेवा सदन प्रसाद निवासी - नवी मुंबई (महाराष्ट्र) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार स...