Notice: Function wp_get_inline_script_tag was called incorrectly. Unable to set inline script data. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 7.0.0.) in /home4/hindim8d/public_html/wp-includes/functions.php on line 6170
Tuesday, July 21राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

Tag: अरुण कुमार जैन

यूक्रेन युद्ध, नाटो और यूरोप, भारत
आलेख

यूक्रेन युद्ध, नाटो और यूरोप, भारत

अरुण कुमार जैन इन्दौर (मध्य प्रदेश)  ******************** विगत दिनों विश्व की सबसे बड़ी खबर यदि कोई थी तो वह ट्रंप और जेलेंस्की की नाटकीय मुलाकात और बच्चों की तरह लड़ना, विश्व स्तर की राजनीति और कूटनीति में इन दिनों का सबसे हल्का, स्तरहीन और सही मायने में भौंडा प्रदर्शन था, जिसमें सामान्य स्तर के शिष्टाचार को बलाए ताक रखा गया। यह सभी को पता है कि असली लड़ाई नाटो के विस्तार और रुस की घेराबंदी के मूल प्रश्न पर लड़ी गई। रुस की भौगोलिक स्थिति विघटन के बाद की स्थिति में किसी भी हालत में वह यह सहन नहीं कर सकता कि उसके समुद्री मुहाने पर नाटो चौकीदार बन कर बैठ जाए और उसके विशालकाय पोत निर्भय होकर अपने ही समुद्र से आगे नहीं बढ़ पाएं। यद्यपि संयुक्त सोवियत रुस के विघटन के पश्चात रुस की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के बावजूद पिछले सालों से चल रहे यूक्रेन युद्ध में खराब हुई है। जब रूस ने युद...
चंद्रयान और चांदी
व्यंग्य

चंद्रयान और चांदी

अरुण कुमार जैन इन्दौर (मध्य प्रदेश)  ******************** चंद्रयान ३ की सफलता के बाद भारत भर में खुशियां छाई हैं, सुदूर चांद तक इसकी ऊंचाई है। पूरे देश में बहुत ही जोश-खरोश से जश्न मनाया गया, मिठाईयां बांटी गई तो कहीं पटाखे फोड़े गए, सबने अपने अपने ढंग से और पूरे मन से इस चंद्र पर्व को मनाया। न वर्ग गत और न ही दलगत राजनीति इसमें आड़े आई, सब तरफ बस खुशी छाई। अभी पूरा सप्ताह हमारा चंद्रमय हो गया। मन में इतना उत्साह था की क्या बताएं। जो बचपन से चंदा मामा आसमान पर टांका हुआ था, लगा जैसे अचानक हमारे हाथ आ गया। कितनी गर्मी, सर्दी, बरसातें, देख ली आसमान में ताकते हुए, कभी किसी सुंदरी का सुंदर चेहरा न दिखा तो चांद को देख लिया, भारतीय उत्सव प्रियता का एक अदद बिंदु चांद करवा चौथ वाली बहुओं का झीनी जाली से देखा जाने वाला चांद जो अपने पति की लंबी उम्र की कामना में कई उपवास खुलवाता है और ...
भूकंप… बाबू और बाबूगिरी…
व्यंग्य

भूकंप… बाबू और बाबूगिरी…

अरुण कुमार जैन इन्दौर (मध्य प्रदेश)  ********************  मेरा देश, महान देश है, भरत चक्रवर्ती के नाम पर बना भारत। राजा थे चक्रवर्ती राजा, रिद्धि-सिद्धि उनके यहां स्थाई निवास करती थी, सुवासित बहती हवाएं, बाग-बगीचे महलों, हवेलियों में हर वक्त मुक्त रुप बहती थीं। पक्षियों के कलरव, कोकिल कंठी कोयलों के गान, सर उठाए खुला आसमान और सुंदर वितान। परिचारिकाएं और परिचारक रात दिन उनकी सेवा में रत फूले नहीं समाते थे, हर वक्त खुशी के गीत गाते थे। बागों में लहराती तितलियां, गुंजायमान भंवरे, खिले फूलों की सुवासित सुरभि में देश डूबा हुआ रहता था, सुंदर परिवेश, इंद्र के सारे वैभव विद्यमान चौबीसों घंटे आनंद स्नान। जैसी नीव होती है उसी अनुरूप महल तामीर होते हैं, कालांतर में देश वैसा ही हुआ जैसा जन्मना शाही था। सारे विश्व की आंखें हम पर गड़ी रही। जो आया हम बांहे पसारे उसके स्वागत में वसुधैव कुटुंब...
आदमी और कुत्ता
व्यंग्य

आदमी और कुत्ता

अरुण कुमार जैन इन्दौर (मध्य प्रदेश)  ********************  मेरे एक मित्र ने नया मकान बनवाया, अक्सर वे मुझसे बड़े भाई की हैसियत से सलाह ले लिया करते हैं। बड़े भाई लोग दो तरह के होते हैं, एक वह जो शहर को सम्हाले रखते हैं और उनकी भाईगिरी के चर्चे थानों से लेकर बाजारों तक और बड़े क्लब, मॉल, थिएटर, होटलों से लेकर, बाजारों के। व्यापारिक संगठनों, रेहड़ी संगठन, ऑटो रिक्शा संघ, ट्रक ऑनर एसोसिएशन, भू माफियाओं, कैसिनो, और तमाम तरह के जरायम पेशा धंधों चोर, गिरहकटियों, उठाईगिरों आदि जिन्हें की सभी को अब संगठित शक्ल दे दी गई है, इन सभी जगह के छोटे-छोटे भाईयों के ऊपर बड़े भाई के कंधे हैं उसी पर रखकर ये छुटभैय्ये अपने निशाने साधते रहते हैं, ये बड़े मजबूत कंधे सबका बोझ सम्हाले हुए रहते हैं और ये सभी उन्हें कभी दशहरा की पांवधोक के बहाने, तो कभी ईद की ईदी के नाम, कभी दीपावली की मिठाई के नाते, तो क...