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Tag: अवधेश कुमार ‘कोमल’

छोटा कलमकार
गीत

छोटा कलमकार

अवधेश कुमार 'कोमल' जमोलिया, बाराबंकी (उ.प्र.) ******************** जो दिल में आता है साहब, बस कहने की कोशिश करता हूं। मैं छोटा सा कलमकार हूं, बस लिखने की कोशिश करता हूं।। मैं लिखता हूं मातृ भूमि पर, गद्दरों से आहत होकर। मैं लिखता हूं धर्म के ठेकेदारों से घायल हो होकर।। मैं लिखता हूं खद्दर धारी नेताओं के बारे में। जिसने विष रस घोल दिया है, गांव गली-चौबारे में।। मैं कहता हूं भारत के उस अद्भुत पी.एम नरवर से। मैं कहता हूं भारत के उस अटल अलौकिक नव स्वर से।। जिसने हटा तीन सौ सत्तर, कश्मीर देश में मिला दिया। वर्षों का वनवास राम का एक ही छण में मिटा दिया।।   परिचय :- अवधेश कुमार 'कोमल' पिता : शिव बालक यादव निवासी : जमोलिया, बाराबंकी (उ.प्र.) उद्घोषणा : यह प्रमाणित किया जाता है कि रचना पूर्णतः मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि हिंदी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं फोटो के...
अदायें
कविता

अदायें

अवधेश कुमार 'कोमल' जमोलिया, बाराबंकी (उ.प्र.) ******************** तेरे दर्शन के प्यासे नैना, तेरे बिन मिले ना चैना तेरी सूरत इतनी भोली मदहोश हो जाए टोली तेरी ये ऑख मिचोली बन्द कर देती मेरी बोली मुश्किल कर देती मेरा जीना तेरे बिन मिले नाही चैना तू है बड़ी सुहानी लगती मेरे लिए खुद को सवांरती मिलने पर तुम बहुत नखरती तू दिन-रात हमें निहारती दिल घायल करते तेरे दो नैना तेरे बिन मिले ना चैना मिलकर यूँ तेरा शरमाना शरमा के यूं नयन झुकाना फिर नयनों से तीर चलाना अधरो से फिर जाम पिलाना अब तेरे बिन सूने दिन-रैना तेरे बिन मिले ना चैना   परिचय :- अवधेश कुमार 'कोमल' पिता : शिव बालक यादव निवासी : जमोलिया, बाराबंकी (उ.प्र.) उद्घोषणा : यह प्रमाणित किया जाता है कि रचना पूर्णतः मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि हिंदी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं फोटो के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, ...