बेटियां
आयुषी दाधीच
भीलवाड़ा (राजस्थान)
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माँ का प्रश्न तो पिता का उत्तर होती हैं बेटियां,
माँ की चाल तो पिता की उड़ान होती हैं बेटियां,
माँ का स्वार्थ तो पिता का संतोष होती हैं बेटियां,
हां, यही तो होती हैं बेटियां।
माँ की चिंता तो पिता का प्यार होती हैं बेटियां,
माँ की दुलारी तो पिता की परी होती हैं बेटियां,
माँ की ममता तो पिता का अपनापन होती हैं बेटियां,
हां, यही तो होती हैं बेटियां।
माँ की सीख तो पिता की दिशा होती हैं बेटियां,
माँ की गोद तो पिता की दुनिया होती हैं बेटियां,
माँ की आस तो पिता का विश्वास होती हैं बेटियां,
हां, यही तो होती हैं बेटियां।
माँ की परछाई तो पिता का गर्व होती हैं बेटियां,
माँ की हमदर्द तो पिता की दवा होती हैं बेटियां,
माँ की अश्रुधारा तो पिता की धड़कन होती हैं बेटियां,
हां, यही तो होती हैं बेटियां।
परिचय :- आयुषी दाधीच
शि...


