Friday, September 4राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

Tag: डॉ. राजीव डोगरा “विमल”

अंतिम मित्र
कविता

अंतिम मित्र

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** आखिरी दोस्त आखिरी उम्मीद हो तुम। जीवन के अंतिम अध्याय की अंतिम कड़ी हो तुम। मोह का पाश नहीं स्नेह का अंतिम चरण हो तुम। मेरे अंतिम जीवन की अंतिम स्पष्ट किरण हो तुम। मेरे अधूरे जीवन की अंतिम मुस्कुराहट हो तुम। सब कुछ खो जाने के बाद भी मेरे अंतिम जीवन का मधुर एहसास हो तुम। थक सा गया था मैं युगों के इंतजार के बाद मेरे अंतिम जीवन के अंतिम समय का मोक्ष का आधार हो तुम। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐...
अधूरा सफर
कविता

अधूरा सफर

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** अधूरे सफर की अधूरी कहानी लिख रहा हूं मोहब्बत तो कभी मिली नहीं ग़म की दास्तान लिख रहा हूं। जीवन सफर में मिलते रहे जाने पहचाने चेहरे मगर हमराही कोई मिलकर भी मिला नहीं। सोचा था हमराही को हमसफर बनाकर सुनाऊंगा अपनी हर गम-ऐ-दास्तां सारी। मगर वक्त के तराजू पर हमराही हमसफर के मुकाम पर कभी पहुंचा ही नहीं। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हे...
घूटन
कविता

घूटन

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** करूंगा शिकायत रब के दर पर जिन्होंने मुझे रुलाया है। मुस्कुरा कर औरों के संग मेरी आंखों में आंसू लाए है। थक चुका हूं हर रिश्ते को निभा कर अब जाकर अपने रब के घर उसको अपना हर गम सुनाऊंगा। दुआएं जिनको रास न आई मेरी देकर बददुआएं उनको अपनी बिरहा की कहानी सब को सुनाऊंगा। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में...
निश्चल संवेदना
कविता

निश्चल संवेदना

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** बदलते वक्त के साथ बहुत कुछ बदलता देखा मित्र को शत्रु बनते शत्रु को मित्र बनते देखा। जानता भी नहीं था जिनको उनको अपना बनते देखा और जानता था जिनको11 उनको पराया होते देखा। भागता रहा हमेशा ही अपनों की तलाश में खोजता रहा भावनाओं के द्वार हर किसी के हृदय में। अन्वेषण करता रहा विचारों को समझने वालों की खोजता रहा मन के मीतों को जो समझ जाए मेरे हृदय की हर निश्चल संवेदनाओं को। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻...
अपूर्व प्रेम
कविता

अपूर्व प्रेम

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** रोज झुक जाता हूं मैं शिव के आगे मांग लेता हूं हर दुआ में तुम को। ना मांग पाऊं अगर कभी तुमको तो मांग लेता हूं हर खुशी तेरी। वजह ढूंढता हूं कुछ और लिखने की हर अल्फाज में मगर तुम नजर आ जाते हो। तेरे चेहरे की मासूम मुस्कुराहट को देखकर शिव सी समाधि मेरे हृदय तल को लग जाती है। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, ल...
आसार
कविता

आसार

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** मुझे नफ़रत ज़रा सोच समझ कर करना मोहब्बत होने के आसार होते हैं। मेरी बात औरों से ज़रा सोच समझ कर करना इश्क होने पर सब कुर्बान होते हैं। दिल की बात सोच समझ कर करना अपनों में भी कई गद्दार होते हैं। हमराही को हमसफर सोच समझकर बनाना धोखा मिलने के भी आसार होते हैं। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाई...
नकहा इज़हार
कविता

नकहा इज़हार

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** हां मैं लिखता हूं सिर्फ लिखने के लिए नहीं अपने जज्बातों के इज़हार के लिए भी हां मैं लिखता हूं हर अल्फ़ाज़ में तुमको मगर कहता नहीं कभी अपने लफ्जों में तुमको हां मैं लिखता हूं अपने हृदय की गहरी अनुभूति के साथ मगर जाता नहीं कभी अपने जज्बातों के आर पार। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाईप करके हमें...
दिव्या अनुराग
कविता

दिव्या अनुराग

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** जन्म जमांतर की मेरी अतृप्त इच्छाएं मुझे छूने लगी है। देख कर तुमको मुझ में प्रेम जिज्ञासा फिर उत्पन्न होने लगी है। तुम्हारे अस्पर्श अहसास मेरे सहस्रार को जागृत करने लगे है। न चाहते हुए भी मेरे अनाहत में तुम्हारे स्वर को गूंजने लगे हैं। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak1...
ओलम (अनन्त प्रेम)
कविता

ओलम (अनन्त प्रेम)

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** जी रहा हूँ जीवन बड़ी ही शिद्दत से क्या मेरी पीड़ा का कारण बन तुम मुझे शून्य करोगे ? हारा तो कभी था ही नहीं मैं पर क्या छेड़ मेरे जज्बातों की तरंगों को मुझे तुम अधूरा करोगे? मानता हूं तुम्हें भेजा है उस खुदा ने स्वयं मेरे पास क्या छेड़ प्रेम का राग मुझे हीरा करोगे ? परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी मे...
शख्स
कविता

शख्स

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** एक शख्स है जो तुम्हारे इंतजार में बैठा है मोहब्बत न सही दोस्ती के इजहार में बैठा है। एक शख्स है जो सुनता नहीं कभी किसी की भी मगर तुम्हारी हर बात सुनने के इंतजार में बैठा है। एक शख्स है जो सोचता नहीं कभी किसी का भी वो हर जगह हर लम्हा तेरा एहसास लेकर बैठा है। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में...
यौवन
कविता

यौवन

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** दिन जवानी के आते जाते रहेंगे। मोहब्बत के गीत हम भी गाते रहेंगे। नाम लेकर खुदा तेरा हम उसे मनाते रहेंगे। अफसाने तो बहुत लिखे हैं हमने हर अफ़साने में तेरे नाम के साथ उसका नाम लिखते रहेंगे। लोग पूछेंगे जब भी दर्द की वजह हम भी सर्द हवाओं के साथ उसका नाम भी हम लिखते रहेंगे। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी...
आदेश
कविता

आदेश

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** शमशान की राख को सीने से लिपटाए फिरता हूँ, महाकाल का भगत हूँ उनका नाम लिए फिरते हूँ, मैं चुपचाप सभी की सुनता हूँ किसी को कुछ बोलता नहीं। आदेश है माँ महाकाली का बेमतलब इसलिए किसी को सताता नहीं। गुर्राता है कोई तो मैं चुप रहता हूँ फिर भी बेमतलब किसी को मौत की नींद सुलाता नहीं। खामोशियां है बहुत दफन मेरे इस सीने में मगर अपनी माँ काली के अलावा किसी को सुनाता नहीं। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐 रा...
दर्द मिटा दूँगा
कविता

दर्द मिटा दूँगा

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** तेरे दर्द को अल्फ़ाज़ दूंगा मत सोच तू अकेला हैं हर कदम पर तेरा साथ दूंगा। दर्द का समुंदर जो तेरे अंदर नित्य रफ़्ता-रफ़्ता बहता है उसको भी एक दिन किनारा दूंगा। जिस ख़ामोशी में समा रखा है छटपटाता तूने दर्द अपना उसको भी एक दिन आवाज़ दूंगा। एक शमां जो तूने रौशना रखी है खुद को ही मर मिटाने को बुझा उसको एक दिन तुम्हें अपने गले लगा लूंगा। जो अश़्क बहाते हो तुम चोरी-चोरी बैठे किसी कोने में उनको पोंछकर तेरे चेहरे पर जादू सी मुस्कराहट ला दूँगा। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को टच...
रवायत
कविता

रवायत

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** हमें यूं तुमको देखने की आदत है। न है मोहब्बत फिर भी बहुत कुछ कहने की आदत है। कभी सोचा ही नहीं तुमको पाने का बस यूं ही तुमसे दिल लगाने की आदत है। लोग सोचते हैं जिस्म को छूने की हमें यूं ही तुम्हारी रूह को गले लगाने की आदत है। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.co...
खामोश यादें
कविता

खामोश यादें

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** मैं गूंजता रहूंगा तेरे शहर में तेरी यादों के संग। मैं अकेला ही सही पर फ़िरता रहूंगा हर जगह तेरी खामोशी को ले अपने संग। लोग पूछेगे मुझें जब क्या दर्द है तुम्हें? मगर मैं फिर भी चुपचाप फिरता रहूंगा सीने में दफन की तेरी खामोश यादों को ले संग। मैं लिखता रहूंगा हर जगह इश्क़ लोग पूछेंगे मुझे कौन है हमराही तेरा? तो मैं चुपचाप हंसता रहूंगा, तेरी मुस्कुराहट को याद कर। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट...
आदत
कविता

आदत

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** मुझ तुम संग रहने की आदत है। मुझ तुमसे बाते करने की आदत है। मुझ तुम संग सब कहने की आदत है। मुझ तुम संग जीने की आदत है। मुझ तुम संग हर लम्हा बीताने की आदत है। मुझ तुम संग मस्ती में खोने की आदत है। मुझ तुम संग मुस्कुराने की आदत है। मुझ तुम संग हर खामोसी कहने की आदत है। मुझ तुम संग हर गम भुलाने की आदत है। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्र...
समय का बदलाव
कविता

समय का बदलाव

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** सब कुछ बदल जाता है वक़्त के साथ प्रतिष्ठा, परंपरा, मर्यादा मगर नहीं बदलता व्यक्ति का व्यक्तित्व। सब कुछ चला जाता है वक़्त के साथ अपने, पराये, हमराही मगर नहीं जाता व्यक्ति का अपनेपन का वहम। सब कुछ खो जाता है समय के साथ बचपन, यौवन, पद मगर नहीं खोता अपनों के लिए दिया वक़्त। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिं...
एक युग, एक विचार
कविता

एक युग, एक विचार

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** ग्वालियर, मध्यप्रदेश की पावन धरा ने जन्म दिया एक बालक को, नाम हुआ अटल, स्वरों में कविता, शब्दों में सत्य, वाणी थी सरल, मन प्रखर, अडिग, स्थिर, निर्मल। पिता शिक्षक संस्कारों की छाया, माँ की ममता, राष्ट्र का स्वप्न, बाल्यकाल से ही चेतना जागी, भारत बने विश्व में उज्ज्वल स्वर्ण-रत्न। कलम उठी तो कविता बह चली, राजनीति आई तो सेवा बन गई, विचारों में मतभेद रहे होंगे, पर मर्यादा कभी न टूटी, न झुकी, न गई। जनसंघ से संसद तक की यात्रा, संघर्षों से रचा हुआ इतिहास, एक नहीं, कई बार पराजय मिली, पर हर हार बनी भविष्य का प्रकाश। “हार नहीं मानूँगा” कहने वाला, स्वयं उस पंक्ति का प्रमाण था, लोकतंत्र का सच्चा प्रहरी वह, विपक्ष में भी जिसकी वाणी समाधान था। तीन-तीन बार बने प्रधानमंत्री, पर सत्ता कभी स...
तेरी दोस्ती
कविता

तेरी दोस्ती

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** तेरी दोस्ती ने हमको जीवन जीना सिखा दिया उदास रहता था मेरा चेहरा उसको मुस्कुराना सिखा दिया। न मिली मोहब्बत जीवन में इसका अब कोई गम नहीं रहा तेरी दोस्ती ने मुझको हर लम्हा जीना सिखा दिया। रब करे तू हमेशा खुश रहे मेरी हर दुआ में शामिल रहे तेरी दोस्ती ने मुझको जीवन का बदलाव सिखा दिया। मेरी रिद्धियां मेरी सिद्धियां तुमको सदा सलामत रखें तेरी दोस्ती ने मुझको मानव से महामानव बना दिया। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को ल...
वफ़ा
कविता

वफ़ा

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** फैला दो हवाओं में पैगाम मेरा कि हम तेरे शहर में वफ़ा बाटने आये है। लेकर ग़म तेरे नसीब में अपने, तेरा नाम अपनी तकदीर लिखने आये है। वो जो कहते हैं लोगों से कुछ भी न मिलता यूँ सोचने से उनको कह दो हम उनको अपने नसीब में लिखने आए हैं। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail....
एक इल्जाम
कविता

एक इल्जाम

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** एक इल्जाम मेरे नाम आया है न होते हुए भी मोहब्बत सरेआम मेरा नाम आया है। मैं ढूंढता रहा हर जगह खुद को ही न जाने क्यों फिर भी मेरा नाम किसी ओर के साथ आया है। लोग पूछते रहे मुझे मेरे गम का कारण और मैं हर गम में खुदा तेरा नाम हर बार लेता आये हूँ। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। प्रिय मित्र, शुभचिंतक एवं परिवारजन आपको प्रेषित मेरी नई स्वरचित रचना, कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित...
आहट
कविता

आहट

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** मेरे कदमों की आहट से वर्तमान ठहर जाएगा और भविष्य का चुपके से आगमन होगा। मेरे कदमों की आहट से देवी शक्तियां मोहित होगी और दुष्ट शक्तियों स्थानांतरण करेंगी। मेरे कदमों की आहट से जीवन में प्रकाश का उदय होगा और अंधकार का विनाश होगा। मेरे कदमों की आहट से हृदय में ज्ञान का उजाला होगा और अज्ञान का ध्वंस होगा। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। प्रिय मित्र, शुभचिंतक एवं परिवारजन आपको प्रेषित मेरी नई स्वरचित रचना, कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...
याराना
कविता

याराना

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** हर लम्हा सुहाना होगा तेरा हंँसना और फिर देखकर तुम्हें मेरा मुस्कुराना होगा। माना कि हम कुछ भी नहीं मगर तुम्हारे सिर के ताज़ पर हर पल हमारा पहरा होगा। मैं हार भी जाऊं तुम्हें जीतने के लिए तो भी तेरे सपनों में एक अफसाना होगा। एक तलब है तुम्हें हर पल मुस्कुराते देखने की अगर मैं मिट भी जाऊं तो भी ये मेरा याराना होगा। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।...
बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन एवं बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारें में किया जागरूक
देश/विदेश/प्रदेश

बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन एवं बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारें में किया जागरूक

* चाइल्ड हेल्पलाइन कांगड़ा ने राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गाहलियां में बाल अधिकारों के साथ चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की कार्यप्रणाली के बारें में किया जागरूक। * बाल विवाह मुक्त भारत अभियान क़े अंतर्गत उपस्थित प्रतिभागियों कों "बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006" की जानकारी साँझा की। चाइल्ड हेल्पलाइन कांगड़ा ने राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गाहलियां के बच्चों, अध्यापकों ब अन्य स्टॉफ के लिए एक जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता स्कूल के प्रधानाचार्य अजय कुमार ने की व शिविर मे उपस्थित प्रतिभागियों का स्वागत किया। आज क़े जागरूकता कार्यक्रम मे जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की और शिविर मे मौजूद प्रतिभागियों कों बाल शिक्षा, स्वास्थ्य, एवं संरक्षण पर जागरूक किया और बाल कल्याण क़े लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाई ज...
अनकहा इश्क़
कविता

अनकहा इश्क़

डॉ. राजीव डोगरा "विमल" कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) ******************** मैं जानती हूं तुम सब जानते हो फिर ये भ्रम की माया क्यों नहीं पहचानते हो ? जानते हो तुम मेरी मुस्कुराहट की वजह फिर मुस्कुरा औरो से मेरे सीने को क्यों छली करते हो। मैं जानती हूं तुम मेरी फिक्र बहुत करते हो छू न जाए हवा भी मुझे इस बात से भी डरते हो। सुना है तुम जीत लेते हो सब का हृदय फिर मेरी एक मुस्कुराहट के आगे क्यों ख़ुद को हारे हुए बैठे हो ? लिखते हो तुम अपनी गजलों में मेरे बारे में फिर मेरा नाम सरेआम लेने से क्यों डरते हो। परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा "विमल" निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।...