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Tag: निकिता तिवारी

स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत
कविता

स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत

निकिता तिवारी हलद्वानी (उत्तराखंड) ******************** एक ऐसा कदम बड़ाते है स्वच्छता को अपनाते हैं धरती के हर कोने पर हरियाली हम पाते हैं। स्वयं पहले खु से शुरुआत करना कर्त्तव्य समझते हैं आस-पास की मलिनता को स्वच्छ करके दिखलाते हैं, कूड़ा करकट ना जलाकर प्रदूषण संरक्षित करते हैं प्लास्टिक को हटाने की आज से हम ठानते हैं। रोज सवेरे स्नान करके खाने से पूर्व हाथ धोना शुद्ध कपड़े पहनने को स्वच्छता में सम्मलित करते हैं। स्वच्छता को संग लिए स्वस्थ की उम्मीद रखते हैं पौष्टिक आहार ग्रहण कर बीमारी को मात देते हैं। विकसित भारत के सपनों को साकारने में जुटते हैं स्वच्छ और स्वस्थ भारत की शुभकामनाएँ आज देते हैं परिचय :-  निकिता तिवारी निवासी : जयपुर बीसा, मोटाहल्दू, हलद्वानी (उत्तराखंड) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित म...
हिंदी
कविता

हिंदी

निकिता तिवारी हलद्वानी (उत्तराखंड) ******************** विश्व हिंदी दिवस १० जनवरी २०२६ पर आयोजित कविता लिखो प्रतियोगिता में सम्मिलित रचना ह से कहते हैं हम हिंदी जिसके माथे सजेगी बिंदी हर व्यक्ति बोले हैं हिंदी अनपढ-गंवार चाहे पढ़ी-लिखी संस्कृत इसकी जननी है तभी तो यह सम्मान हैं हिंदी भारतीयों की तो शान बढ़ाए हम सबका अभिमान बचाए पूरा भारत एक है चाहे धर्म अनेक हैं फिर भी बोले भाषा एक हैं हिन्दी॥ परिचय :-  निकिता तिवारी निवासी : जयपुर बीसा, मोटाहल्दू, हलद्वानी (उत्तराखंड) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। प्रिय मित्र, शुभचिंतक एवं परिवारजन आपको प्रेषित मेरी नई स्वरचित रचना, कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी...
नशे की लत
कविता

नशे की लत

निकिता तिवारी हलद्वानी (उत्तराखंड) ******************** क्यों में सबसे दूर हो रही हूँ ना चाहते हुए भी फोन पकड़ रही हु क्या खूबियाँ है इंस मोबाइल में जो मैं खिची चली जा रही हु इसे देखकर समय बरबाद कर रही हूँ मन भी नहीं भरता जो छोडू साथ पागलपन छाया इतना सुन ना पाऊ किसी की बात क्यों इतनी लत पड़ गई मुझे इस नशे के बीन जीना हुआ हराम ... परिचय :-  निकिता तिवारी निवासी : जयपुर बीसा, मोटाहल्दू, हलद्वानी (उत्तराखंड) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं छायाचित्र के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, ...
बीते पल
कविता

बीते पल

निकिता तिवारी हलद्वानी (उत्तराखंड) ******************** बीते पल याद करने में बेचेन हो उठती हूँ सुख और दुख दोनों से गुजरती हूँ सुख ये कि भाग्यवान होंगी जो उस खुशी के पलों में शामिल थी पर उस खुशी से भी ज़्यादा दुखी तब जब खुशी की बात पर सोचती की मैंने यह क्यों नहीं किया? ठोड़ा समय और क्यों नहीं बीताया? अन्त अफशोश करती क्योंकि पता है मुझें वह समय मेरे लिए दुबारा लौटकर नहीं आएगा परिचय :-  निकिता तिवारी निवासी : जयपुर बीसा, मोटाहल्दू, हलद्वानी (उत्तराखंड) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं छायाचित्र के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि प्र...