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Tag: प्रतिभा त्रिपाठी

जीवन है रंगों का त्यौहार
कविता

जीवन है रंगों का त्यौहार

प्रतिभा त्रिपाठी भिलाई "छत्तीसगढ़" ******************** जीवन है, रंगों का त्यौहार आयी हैं, खुशियाँ अपार लाल पीले रंगों से खेलों आया है, होली का त्यौहार॥ रंग बिरंगी पिचकारी हैं बच्चों की किलकारी हैं, गली-गली धूम मचाई हैं बच्चों की टोली आई है॥ फागुन में होली आयी हैं रंगों की बरसात लायी हैं, हर चेहरे में खुशियाँ छायी हैं अपनों की सौगात हैं, लायी हैं॥ कान्हा को रंग लगाऊँ मैं ये सपना रोज सजाऊँ मैं, रंगों के इस त्यौहार में अपनों को गले लगाऊँ मैं॥ गुजिया की मिठास हों सबके दिल में प्यार हों, अपनों का साथ हो, तो हर दिन त्यौहार हो॥ परिचय :- प्रतिभा त्रिपाठी निवासी : भिलाई "छत्तीसगढ़" घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं छाय...
पर्यावरण
कविता

पर्यावरण

प्रतिभा त्रिपाठी भिलाई "छत्तीसगढ़" ******************** वृक्ष लगाओ, पर्यावरण बचाओ ये संदेश फैलाना हैं पर्यावरण को शुद्ध बना के जीवन को स्वस्थ बनाना है॥ मत काटो पेड़ों को तुम, इस पर किसी का बसेरा हैं, इसके दम पर सांसे चलकर नित आता नया सबेरा हैं॥ नयी पीढ़ी से ये अनुरोध, आओ मिलकर वृक्ष लगाओ पेड़ों की रक्षा तुम करके, पर्यावरण सुरक्षा में हाथ बढाओं॥ चारों तरफ हरियाली हों, हर घर में खुशहाली हों सुन्दर सा एक दृश्य बनायें, हर घर ऑंगन में वृक्ष लगायें आओ पर्यावरण बचाने का मिलकर हम संकल्प उठायें परिचय :- प्रतिभा त्रिपाठी निवासी : भिलाई "छत्तीसगढ़" घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं छायाचित्र के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, राष...
विश्व पृथ्वी दिवस
कविता

विश्व पृथ्वी दिवस

प्रतिभा त्रिपाठी भिलाई "छत्तीसगढ़" ******************** धरती मेरी हरी-भरी हो, ये संकल्प उठाते हैं वृक्ष लगाओ पर्यावरण बचाओ यें संदेश फैलाते हैं. वीरों की इस धरती को, हम गुलज़ार बनायेंगे फूलों की बगिया से हर घर को महकायेंगें माटी में ही मिलना हैं, धरती पर ही जीना है आज विश्व पृथ्वी दिवस पर धरती को महकाना हैं धरती का ऑंगन इठलाता, जब पेड़ पौधें लहराते हैं, भू की इस सुंदरता से मन मेरा बहलाता है॥ परिचय :- प्रतिभा त्रिपाठी निवासी : भिलाई "छत्तीसगढ़" घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं छायाचित्र के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहा...
टीकाकरण
कविता

टीकाकरण

प्रतिभा त्रिपाठी भिलाई "छत्तीसगढ़" ******************** चलो चलें टीकाकरण केन्द्र इंजेक्शन लगायेंगे दो गज की दूरी से, कोरोना को भगायेंगे चेहरे पे मास्क लगाकर जागरुकता फैलायेगें चलो चलें टीकाकरण केन्द्र इंजेक्शन लगायेंगे घर में रह रहकर, योग को अपनायें है जीवन को स्वस्थ, सुखमय मिलके हम बनायेगे घर बैठकर हम सब कोरोना को भगायेंगे चलो चलें टीकाकरण केन्द्र इंजेक्शन लगायेंगे बच्चों की मस्ती छूटी, खेल-कूद दूर हुआ नानी घर जाने को, बच्चे तरस गए... जल्दी जल्दी कोरोना भगाना नियमों का पालन कर चलो चलें टीकाकरण केन्द्र इंजेक्शन लगायेंगे कोरोना महमारी आने से सब हुए दूर-दूर ना किसी का दुख बाॅंटे ना किसी सुख बाॅंटे अपने- अपने घर रहकर कोरोना को भगायेंगे... चलो चलें टीकाकरण केन्द्र इंजेक्शन लगायेंगे परिचय :- प्रतिभा त्रिपाठी निवासी : भिलाई "छत्तीसगढ़" घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि मेरी यह रचन...
तिरंगा
गीत

तिरंगा

प्रतिभा त्रिपाठी भिलाई "छत्तीसगढ़" ******************** जियें भारत देश मेरा, जियें भारत देश मेरा। तीन रंगों से सजा तिरंगा मेरा। सारे जग से न्यारा है, यह तिरंगा प्यारा है। देश के वीर जवानों ने, तिरंगे की शान बढ़ाई है।। जियें भारत देश... वीरों ने बलिदान दिया, अंग्रेजों को मार भगाया। तब जाकर हमनें, यह तिरंगा फहराया है।। जियें भारत देश... गली-गली फहराऍं तिरंगा, भारत की शान बढ़ाएंगे। झंडा ऊंचा रहे हमारा, यही गीत दोहराएंगे।। जियें भारत देश.... तिरंगे में तीन रंग को, अपने जीवन में भरना है। केसरिया रंग साहस का, श्वेत रंग सच्चाई का।। जियें भारत देश... हरा रंग हरियाली लाता, जन-जन में खुशहाली भरता। नील गगन में फहराओं तिरंगा, लहर-लहर लहराओं तिरंगा।। जियें‌ भारत देश मेरा, जियें भारत देश मेरा तीन रंगों से सजा तिरंगा मेरा।। परिचय :- प्रतिभा त्रिपाठी निवासी : भिलाई "छत्तीसगढ़" घोषणा पत्र : मैं यह प्...