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Tag: राजीव रंजन पांडेय

इंसानियत भूला इंसान
कविता

इंसानियत भूला इंसान

राजीव रंजन पांडेय राजधनवार गिरिडीह (झारखंड) ******************** इंसानियत भूला इंसान चौराहों पे बिका ईमान भाईचारे की अब बात नहीं प्रेम विश्वास अब बचा नहीं घृणा द्वेस अब भरा पड़ा है स्वार्थों में मन डूबा हुआ है पल में बदलते स्वभाव यहां पल में बिकते विश्वास यहां इंसानों का अब मोल नहीं झूठ फरेब का अब तोल नहीं इंसान कहीं जब घायल होता इंसान ही मजे से वीडियो बनाता इंसान यहां कोष भंडारण हेतु तत्पर रहते हैं एक दूसरे को लूटने को हमेशा तैयार रहते हैं परिचय :-  झारखण्ड प्रदेश के गिरिडीह मंडलान्तर्गत राजधनवार क्षेत्र में रहने वाले राजीव रंजन पाण्डेय पिता संजय कुमार पाण्डेय की शैक्षिक योग्यता संस्कृत से स्नातकोत्तर और बी.एड है जो कि बिनोवा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग से पूर्ण हुई है। आप लगभग दो साल तक राज्य सरकार द्वारा अनुदानित एक विद्यालय में संस्कृत शिक्षक के रूप में सेव...
मानव मन
कविता

मानव मन

राजीव रंजन पांडेय राजधनवार गिरिडीह (झारखंड) ******************** सच में तारुण्य एक अंधी होती है जिसकी अपनी एक गति होती है संकल्प विकल्प क्रिया मन से ही जीवन जीने हेतु सुबुद्धि होती है हर तरफ गहरा अंधेरा दिखता है हर हृदय सूखे सरोवर सा लगता है पूरब में लालिमा अब आने लगी है अब मानव शक्ति प्रगट होने लगी है बहुत कुछ मिला हमें यहां औघड़ दानी उस ईश से जिसने प्रेम किया यहां के हर प्राणी प्राणी से परिचय :-  झारखण्ड प्रदेश के गिरिडीह मंडलान्तर्गत राजधनवार क्षेत्र में रहने वाले राजीव रंजन पाण्डेय पिता संजय कुमार पाण्डेय की शैक्षिक योग्यता संस्कृत से स्नातकोत्तर और बी.एड है जो कि बिनोवा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग से पूर्ण हुई है। आप लगभग दो साल तक राज्य सरकार द्वारा अनुदानित एक विद्यालय में संस्कृत शिक्षक के रूप में सेवायें दे चुके हैं, वर्तमान समय में आप आज अपने पिता और...