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Tag: संगीता पाठक

तीज त्योहार
कविता

तीज त्योहार

संगीता पाठक धमतरी (छत्तीसगढ़) ******************** हस्तनक्षत्र की बेला में भाद्रपद की तीज आयी है, भाई को बहन के मायके आने की प्रतीक्षा है, बहन भी डेहरी पर खड़ी हो बाट जोह रही है। उदास घर की रौनक बरस बाद लौट आयी है। सखी संग बहनों की खिलखिलाहट गूँज रही है, हँसती खिलखिलाती सखियाँ कुशल पूछ रही हैं। अपने हाथों में हरी-हरी मेंहदी से बेल बूटे बनायेंगी, ठेठरी, खुरमी, गुझिया पकवान मिल जुल कर बनायेंगी। सोलह श्रृंगार करके बहनें सारी फूली ना समायेंगी, एक दूसरे को अपनी-अपनी साड़ी गर्व से दिखायेंगी। पति के आयुष्य की मंगल कामना में निर्जल व्रत रखेंगी, सखी सहेलियों संग शिव पूजन करके रतजगा करेंगी। ढोलक की थाप पर सभी बहनें भजन गीत गायेंगी, शिव पूजन करके अखंड सौभाग्य का वरदान पायेंगी। परिचय :  संगीता पाठक निवासी : धमतरी (छत्तीसगढ़) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करत...
कौमी एकता
कविता

कौमी एकता

संगीता पाठक धमतरी (छत्तीसगढ़) ******************** शक आये, हूण आये, मुगल आये, अंग्रेज भी मिटा ना पाये हमारी हस्ती। भिन्न है बोलियाँ, भिन्न है भाषाये, अनेकता में एकता है हमारी संस्कृति। भिन्न हैं खान पान, भिन्न हैं पहनावे, एक ही रंग में रंगी है भारतीय संस्कृति। सभी धर्मों से बढ़कर बड़ा है राष्ट्र धर्म, राष्ट्र धर्म में समाहित हैं भारतीय संस्कृति। परिचय :  संगीता पाठक निवासी : धमतरी (छत्तीसगढ़) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं छायाचित्र के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, हिंदी में टाईप करके हम...
कुछ बीज धरा पर बो दो
कविता

कुछ बीज धरा पर बो दो

संगीता पाठक धमतरी (छत्तीसगढ़) ******************** हे मनुज! पेड़ काट कर कल जो गलती तुमने की थी। अभी भी वक्त है कुछ बीज धरा पर बो दो। नई पौध धरती पर लगाओ। नई पौध उगा कर गलतियाँ सुधार लो। अवश्य ही बीज अंकुरित होकर कल पेड़ बनेगा । पंछी नीड़ का निर्माण करेंगे। तुम्हारे बच्चे पेड़ की छाया तले विश्राम करेंगे। परिचय :  संगीता पाठक निवासी : धमतरी (छत्तीसगढ़) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं छायाचित्र के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु ड...