अनमोल जीवन
किरण विजय पोरवाल
सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
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यह जीवन बड़ा अनमोल है,
पुण्य कर्मों का मेल है,
जीने की यही तमन्ना है
कुछ कर गुजरने की मंछा है।
काम कुछ करना है
नाम कुछ करना है,
व्यर्थ ना चले जाए
नहीं तो हाथ मिलना है,
मैं कुछ ऐसा लिखूं जो
इतिहास बन जाए,
इतिहास के पन्नों पर
नाम अमर हो जाये,
मुझे तो जिंदा रहना है।
शिक्षा गरीबी नारी पीड़ा
समाज सुधार पर बात बने,
मै नींव का पत्थर बन जाऊं,
दबकर भी कुछ करना है,
मुझे तो जिंदा रहना है।
राजनीति नहीं मेली हो,
भ्रष्टाचार का नाम ना हो,
मेरी कलम भी तलवार बन जाये,
कुछ करके मुझको जाना है,
मुझे तो जिंदा रहना है।
प्रभु सेवा यहाँ सब कुछ है,
हर क्षण हर सांस में तेरा डेरा हो,
आत्म कल्याण का मार्ग बने,
ऐसा मन में बसेरा हो,
मुझे तो जिंदा रहना है।
नहीं देश-विदेश में जंग रहे,
शांति का सदा उल्लास रहे,
जीव...

