आसार
डॉ. राजीव डोगरा "विमल"
कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
********************
मुझे नफ़रत ज़रा
सोच समझ कर करना
मोहब्बत होने के
आसार होते हैं।
मेरी बात औरों से ज़रा
सोच समझ कर करना
इश्क होने पर
सब कुर्बान होते हैं।
दिल की बात
सोच समझ कर करना
अपनों में भी कई
गद्दार होते हैं।
हमराही को हमसफर
सोच समझकर बनाना
धोखा मिलने के भी
आसार होते हैं।
परिचय :- डॉ. राजीव डोगरा "विमल"
निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें ...🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाई...


