Notice: Function wp_get_inline_script_tag was called incorrectly. Unable to set inline script data. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 7.0.0.) in /home4/hindim8d/public_html/wp-includes/functions.php on line 6170
Wednesday, July 22राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

Tag: रश्मि नेगी

स्त्री हूं मैं
कविता

स्त्री हूं मैं

रश्मि नेगी पौड़ी (उत्तराखंड) ******************** स्त्री हूं मैं मुझे लाचार मत समझना शक्ति का स्वरुप, मां दुर्गा का रूप हूं मैं… ममता की मूरत, स्नेह का सागर हूं मैं दो घरों की लाज हूं मैं, दो घरों की शान हूं मैं त्याग, दया, करुणा की मूरत हूं मैं गंगा जैसी तरल और स्वच्छ हूं मैं स्त्री हूं मैं, मुझे लाचार मत समझना शक्ति का स्वरुप, मां दुर्गा का रूप हूं मैं… शास्त्रार्थ जो करते, तो मैं गार्गी बन जाती आंच जब मेरे पति पर आती, तो मैं सावित्री बन जाती अस्तित्व जब मेरे खतरे में होता, तो मैं काली बन जाती जुल्म जो तुम मुझ पर करोगे उठूंगी, लडूंगी और आगे बढूंगी अपनी समस्याओं का समाधान स्वयं करूंगी हिम्मत को अपना साथी बना कर, अपनी हर मंजिल फतेह कर जाऊंगी और उतारो मुझे किसी भी क्षेत्र में तो मैं नाम कमा जाऊंगी अपनी एक अलग पहचान छोड़ जाऊंगी स्त्री हूं मैं, मुझे लाचार मत समझना शक्ति का स्वरूप मां दुर्ग...
मां
कविता

मां

रश्मि नेगी पौड़ी (उत्तराखंड) ******************** मेरा संसार ही तू मां मेरी ईश्वर ही तू मां है सब कुछ तू ही मेरी मेरा प्राण ही तू माँ तुझमें बसती मेरी जान है… तू ही मेरी शान है तू ही मेरी मित्र मां तू ही मेरे जीवन का सार मां तू सबसे मीठा बोल है मां संसार में सबसे अनमोल है मां मेरे हर मर्ज की दवा है तू मां तेरे जैसा इस संसार में कोई नहीं है मां तुलना तेरी किसी से कर नहीं सकती क्योंकि तू स्वयं में सर्वश्रेष्ठ है मां परिचय : रश्मि नेगी निवासी : पौड़ी उत्तराखंड शिक्षा : एम.ए. प्रथम वर्ष राजनीति विज्ञान सम्प्रति : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पौड़ी जिले की जिला सह संयोजिका। घोषणा : मैं यह शपथ पूर्वक घोषणा करती हूँ कि उपरोक्त रचना पूर्णतः मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं फोटो के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक ...
जुनून
कविता

जुनून

रश्मि नेगी पौड़ी (उत्तराखंड) ******************** जोश सा था, मेरे अंदर मेरा जोश, मेरा जुनून बन गया रास्ते में मेरे आई कई रुकावटें मेरे जुनून ने उनका डटकर सामना किया लाखों लोगों ने कोशिश की मेरे हौसलों को दबाने की मेरे जुनून ने मेरे हौसलों को दबने न दिया जोश सा था, मेरे अंदर मेरा जोश, मेरा जुनून बन गया हुई कभी हताश, हुई कभी परेशान मेरे जुनून ने मुझे व्यर्थ की चिंता त्यागने को कहा लाख चाहा कुछ लोगों ने मुझे गिराना, मेरे जूनून ने मुझे गिरने न दिया जोश सा था, मेरे अंदर मेरा जोश, मेरा जुनून बन गया हुई जब भी मैं निर्बल, मेरा जुनून साथी बनकर मेरे साथ रहा न होने दिया निराश, न होने दिया उदास हमेशा मुझे आगे बढ़ने को प्रेरित किया कैसे करूं मैं धन्यवाद उस जुनून का, जिसने हर कदम पर मेरा साथ दिया जोश सा था, मेरे अंदर मेरा जोश, मेरा जुनून बन गया परिचय : रश्मि नेगी निवासी : पौड़ी उत्तराखंड शिक्षा : ए...