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Tag: सुनील कुमार “खुराना”

अगर तुम ना होते
कविता

अगर तुम ना होते

सुनील कुमार "खुराना" नकुड़ सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) ******************** जीवन में मेरे अगर तुम ना होते हमारा साथ कभी कोई ना देते जीवन के मेरे सुंदर सफर ना होते तूने सदा ही साथ दिया अपना साथ तेरा बन गया मेरा सपना सपने अपने कभी ना पूरे होते इस मेरे जीवन के सुंदर सफर में सदा साथ दिया तूने हर डगर में ना होते जीवन में अपने अच्छे रास्ते किया आज मैंने मुकाम जो हासिल मेरी किश्ती के रहें तुम सदा साहिल साथ हमारा ना जीवन में तुम देते ये इतिहास बन गईं अपनी कहानी गाएंगे इसे जीवन में अपनी जुबानी मुझमें सफलता के तुम बीज ना बोते परिचय :-  सुनील कुमार "खुराना" निवासी : नकुड़ सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) भारत घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अ...
प्यारे वचन बड़े अनमोल होते जगत में
कविता

प्यारे वचन बड़े अनमोल होते जगत में

सुनील कुमार "खुराना" नकुड़ सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) ******************** वचन ही होते सबके जीवन का सार सबका प्यारे जीवन नदियां की धार प्यारे होते वचन बड़े अनमोल जगत में यहां हर पल लगता जग में दुनिया का मेला कोई आ रहा जग में कोई जा रहा जग से कुछ के गीत गाए ये दुनियां सारी बखत में वचन की खातिर मिट देश पर वीर शिवाजी कितने वीरों ने लगाई जान की अपनी बाजी नाम अमर गए वीर अपना अपने भारत में वचन से ही है ये प्यारी धरती और आसमान मिटा गए भीम अपने जीवन के सारे अरमान भीम की गूंज गूंजे आज इस सारे गगन में परिचय :-  सुनील कुमार "खुराना" निवासी : नकुड़ सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) भारत घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं छायाचित्र के साथ प्रकाशित...
सरस्वती वंदना
स्तुति

सरस्वती वंदना

सुनील कुमार "खुराना" नकुड़ सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) ******************** हे मां शारदे हमको दे दो स्वर का वरदान स्वर का वरदान मिलकर मिल जाएगा सम्मान हे सुरों की देवी विनती है तुमसे हमारी इच्छा कर दो हमारी पूरी सुरों का देकर हमको ज्ञान हे शारदे मां विनती है तुमसे बारम्बार लगा दो मैया खेवा हमारा पार बढ़ा दो तुम जग में हमारा मान हे मां हंस वाहिनी मझधार में है हमारी नैया पार कर दो हमारा खवैया सुर देकर कर दो एहसान परिचय :-  सुनील कुमार "खुराना" निवासी : नकुड़ सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) भारत घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं छायाचित्र के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि ...