Notice: Function wp_get_inline_script_tag was called incorrectly. Unable to set inline script data. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 7.0.0.) in /home4/hindim8d/public_html/wp-includes/functions.php on line 6170
Wednesday, July 22राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

मुहब्बत चाहिए अगर तो

गरिमा खंडेलवाल
उदयपुर (राजस्थान)
********************

मुहब्बत चाहिए अगर तो
नफरत ना फैलाओ
मिलेगा अमन तुम्हे
शांति से बात समझाओ

ये कौन सा रास्ता
तुमने अपनाया है
तीसरी पारी का
विश्व युद्ध खेल कर
तुमने इतिहास के
पाठ को भुलाया है।

सियासी राजनेता के लिए
सिर्फ अंकड़ो के खेल हुए
युद्ध में मरने वालो के कभी
निश्चित आंकड़े नहीं हुए।

पहले भी विश्व युद्ध की
चिट्टिया सुनाई थी
शांति के लिए हो रहा
ये कैसा युद्ध भाई
धरा गगन के बीच
खालीपन छोड़ जाएगी

सैनिक अपाहिज बन
जीने को मजबूर हो जाएंगे
कुछ मर जायेंगे तो
कुछ अपनो को खो जायेंगे

मातृ भूमि से
पलायन का दर्द झेलेंगे
औरतों और बच्चों पर
क्या क्या गुजरेगी
सहोदर रहे दो मुल्क
शत्रुता झेलेंगे।

कीमतों में इजाफा
महंगाई बोझ बढ़ते जाएंगे
पटरी से उतरती अर्थव्यवस्था
रास्ते पर वापस कैसे लायेंगे।

दुनियाभर की अर्थव्यवस्था
पर ये युद्ध संकट है
युद्ध से होता रहा है
सदा विनाश मेरे भाई
मिलेगा अमन तुम
शांति से बात समझाओ

मुहब्बत चाहिए अगर तो
नफरत ना फैलाओ
मुहब्बत चाहिए अगर तो
नफरत ना फैलाओ

परिचय :- गरिमा खंडेलवाल
निवासी : उदयपुर (राजस्थान)
संप्रति : शिक्षक
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।


आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं छायाचित्र के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर ९८२७३ ६०३६० पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻

आपको यह रचना अच्छी लगे तो साझा अवश्य कीजिये और पढते रहे hindirakshak.com राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच से जुड़ने व कविताएं, कहानियां, लेख, आदि अपने चलभाष पर प्राप्त करने हेतु राष्ट्रीय  हिन्दी रक्षक मंच की इस लिंक को खोलें और लाइक करें 👉 hindi rakshak manch 👈… राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु अपने चलभाष पर पहले हमारा चलभाष क्रमांक ९८२७३ ६०३६० सुरक्षित कर लें फिर उस पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें….🙏🏻.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *