
डॉ. राजीव डोगरा “विमल”
कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
********************
एक समय की बात हैं एक गाँव में रघुवीर नाम का व्यक्ति रहता था। रघुवीर बड़ा नेक दिल और हर किसी के दुःख को अपना दुःख समझ कर उसकी मदद करने वाला व्यक्ति था। इस बार रघुवीर के गांव में कुछ अधिक ही बारिश हुई जिससे गांव में बाढ़ की स्थिति बन गई और बाढ़ के कारण गांव के बहुत से घर तबाह हो गए। रघुवीर दिन रात सभी की सेवा करने में लगा रहता। रघुवीर कभी किसी के लिए घर से खाना बनाकर लेकर जाता तो कभी किसी बेघर को अपने घर में शरण देता। बरसात के बाद गांव में एक कार्यक्रम रखा गया जिसमें बाढ़ के दिनों में समाज सेवा करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाना था। कार्यक्रम में रघुवीर को भी बुलाया गया। रघुवीर बड़े चाव से अपने मित्र के साथ कार्यक्रम में पहुंचा। कार्यक्रम में गांव के बड़े-बड़े प्रतिष्ठित व्यक्ति भी शामिल हुए। एक-एक करके सभी को सम्मानित किया गया और उन लोगों के सम्मान में भी बड़ी-बड़ी बातें की गईं जो बाढ़ के दिनों में गांव तक में नहीं थे। कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी को शामिल होने के लिए धन्यवाद किया गया। रघुवीर मुँह ताकता ही रह गए क्योंकि उसका नाम ही नहीं लिया गया। रघुवीर के साथ आये हुए मित्र ने रघुवीर की तरफ देखते हुए कहा, “रघुवीर भाई बुरा मत मानो कार्यक्रमों में सबसे बड़ा समाजसेवी वही माना जाता है जो सबसे अधिक धन देता है।” रघुवीर निराश होकर घर लौट गया।
परिचय :- डॉ. राजीव डोगरा “विमल”
निवासी – कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
सम्प्रति – भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं छायाचित्र के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर ९८२७३ ६०३६० पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻
आपको यह रचना अच्छी लगे तो साझा अवश्य कीजिये और पढते रहे hindirakshak.com राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच से जुड़ने व कविताएं, कहानियां, लेख, आदि अपने चलभाष पर प्राप्त करने हेतु राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच की इस लिंक को खोलें और लाइक करें 👉 hindi rakshak manch 👈… राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु अपने चलभाष पर पहले हमारा चलभाष क्रमांक ९८२७३ ६०३६० सुरक्षित कर लें फिर उस पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…🙏🏻

