Monday, February 2राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

हिन्दी हिंदुस्तान की

आनंद कुमार पांडेय
बलिया (उत्तर प्रदेश)
********************

विश्व हिंदी दिवस १० जनवरी २०२६ पर आयोजित कविता लिखो प्रतियोगिता में सम्मिलित रचना

हिन्दी हिंदुस्तान की मोहताज नहीं पहचान की।
विश्व भी लोहा माना है मेरे इस नव उत्थान की।।

अमर असंख्यक कवियों को पहचान मिला,
कविताओं का अद्भुत एक उद्यान मिला।
सभी बोलियाँ इसमें घुल-मिल जाती हैं,
तभी मातृ भाषा का भी सम्मान मिला।।
हिन्दी हीं है नीव मेरे इस मुस्कान की।
विश्व भी लोहा माना है मेरे इस नव उत्थान की।।

हिन्दी की यह सृजन शीलता,
नित नव पाठ पढ़ाती है।
प्रेम भाव की निर्मल धारा,
जन-जन तक पहुँचाती है।।
कलम हुई आभारी इस एहसान की।
विश्व भी लोहा माना है मेरे इस नव उत्थान की।।

हिन्दी हिंद की बागडोर है,
सत्य सनातन की पहचान।
भाषाओं का अमृत संगम,
हम सबकी आन-बान और शान।।
यही किरण आनंद के हर विहान की।
विश्व भी लोहा माना है मेरे इस नव उत्थान की।।

परिचय :- आनंद कुमार पांडेय
पिता : स्व. वशिष्ठ मुनि पांडेय
माता : श्रीमती राजकिशोरी देवी
जन्मतिथि : ३०/१०/१९९४
निवासी : जनपद- बलिया (उत्तर प्रदेश)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।


प्रिय मित्र, शुभचिंतक एवं परिवारजन आपको प्रेषित मेरी नई स्वरचित रचना, कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें …🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ
प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाईप करके हमें
hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर 98273 60360 पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु हमारे चलभाष क्रमांक 98273 60360 पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…🙏🏻

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *