Wednesday, February 4राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

नई दृष्टि

नील मणि
मवाना रोड (मेरठ)
********************

जनरेशन जेड (जेन जी) वह पीढ़ी है जिसका जन्म लगभग १९९७ और २०१२ के बीच हुआ है। यह पीढ़ी डिजिटल नेटिव्स कहलाती है क्योंकि वे इंटरनेट और स्मार्टफोन के साथ बड़े हुए हैं और तकनीक के साथ सहज हैं। वे विविधता, सामाजिक न्याय और वर्क लाइफ बैलेंस को महत्व देते हैं। आज जेन जी शब्द हर चर्चा का केंद्र है – विज्ञापन से लेकर शिक्षा नीति तक, हर जगह इसका जिक्र होता है।

प्रौद्योगिकी-प्रेमी: जेन ज़ेड के लोग स्मार्टफोन, सोशल मीडिया और ऑनलाइन शॉपिंग जैसी तकनीक के साथ पूरी तरह से सहज हैं। हाल ही में यूट्यूब में एक नई रिपोर्ट पेश की है कि भारत में ६८ फ़ीसदी जेन जी वीडियो से सीखे हुए हाव-भाव और बॉडी लैंग्वेज का इस्तेमाल कर रहे हैं। यूट्यूब आप जेन जी के लिए सिर्फ वीडियो देखने का प्लेटफार्म नहीं बल्कि डिजिटल संस्कृति सीखने और सोशल कनेक्शन का केंद्र बन चुका है। डब किया हुआ कंटेंट, मल्टी लैंग्वेज वीडियो और विजुअल स्टोरी टैलिंग ने युवा दर्शकों को ग्लोबल और लोकल ट्रेंड के साथ जोड़ा है। इसके साथ ही क्रिएटर को नए डिजिटल बिजनेस मॉडल अपनाने और ऑडियंस के भरोसे पर सस्टेनेबल कंटेंट बनाने का मौका मिला है। इस बदलाव ने भारत और दुनिया भर में डिजिटल कंटेंट की पहुंच प्रभाव और रचनात्मकता को एक नई दिशा दी है।

व्यावहारिक और जिम्मेदार: मिलेनियल्स की तुलना में उन्हें अधिक व्यवहारिक और बचत-उन्मुख माना जाता है। वे पारंपरिक १०,१२ घंटे के ऑफिस की बजाय वर्क लाइफ बैलेंस, काम के घंटों में लचीलापन और बेहतर वेतन की तलाश में रहते हैं। जेन जी को पसंद मकसद वाला काम, नौकरी को सिर्फ वेतन या पदोन्नति के रूप में नहीं देखती है बल्कि यह पीढ़ी, उद्देश्य और जीवन मूल्यों से जुड़े काम को ही प्राथमिकता देती है। अपने माता-पिता को कैरियर और घर के बीच संघर्ष करते देखकर यह पीढ़ी ऐसी नौकरियां की तलाश करती है जो उन्हें बिना किसी दवाब के सार्थक योगदान देने का मौका दें। एक ही कंपनी में सालों तक काम करने का विचार जैन को आकर्षक नहीं लगता, इसकी जगह २०२५ में नई विकल्प सामने आए सबसे बड़ा बदलाव स्किल फर्स्ट करियर की ओर रहा। जहां डिग्री से कहीं ज्यादा स्किल सर्टिफिकेट और प्रैक्टिकल नॉलेज को अहमियत दी जा रही है। यह पीढ़ी अब ऐसी कंपनियों में काम करना चाहती जहां उन्हें अपनी सोच को बगैर किसी बाहरी दबाव के धरातल पर उतारने की छूट हो। जेन जी लीडरशिप से बचना पसंद करती है, लगभग आधे पेशेवर ऐसा काम चाहते हैं जिसमें मैनेजर की जिम्मेदारी शामिल ही ना हो। कुछ तो प्रबंधकीय दायित्व से बचने के लिए कम वेतन स्वीकार करने को भी तैयार है ताकि तनाव और जटिल कार्यों से बचा जा सके। जेन जी के पास धन बनाने के अद्वितीय उपकरण और अवसर हैं, जहाँ डिजिटल कौशल और उद्यमशीलता उन्हें आगे बढ़ा सकती है, लेकिन संरचनात्मक आर्थिक चुनौतियाँ भी मौजूद हैं।

यह कहना कि जेनरेशन जी (जेन जी) अभूतपूर्व रूप से समृद्ध है, यह बहस का विषय है। एक ओर, वे तकनीकी रूप से कुशल, उद्यमी, और आर्थिक रूप से जागरूक हैं, जो घर खरीदने और यात्रा करने के सपने देखते हैं, और वे डिजिटल उपकरणों के माध्यम से धन बनाने के नए अवसर ढूंढ रहे हैं। दूसरी ओर, वे बढ़ते कर्ज, और आय असमानता जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जिससे यह समृद्धि कुछ लोगों तक सीमित हो सकती है।
जेन जी का असली अर्थ है – नई सोच, नई दृष्टि और नई संवेदना। आज ज़रूरत है कि युवा यह समझें- वे विचार हैं, आवाज़ हैं और भविष्य के निर्माता हैं। युवा तब तक जनरेशन नहीं, परिवर्तन हैं- जब तक वे बिकने से इन्कार करते हैं।

परिचय :- नील मणि
निवासी : राधा गार्डन, मवाना रोड, (मेरठ)
घोषणा : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *