Saturday, February 14राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

एक हाथ से ताली

राजेन्द्र लाहिरी
पामगढ़ (छत्तीसगढ़)
********************

एक हाथ से ताली बजाने वालों,
ध्यान से मेरी बात सुनो
तुम्हें कभी न कभी
ज़रूरत पड़ेगी
दूसरे हाथ की…
साथियों के साथ की…

जब खुद पर बीतेगी,
तब खोजोगे दूसरा हाथ,
और अपनी ही ताली पर
दोगे सफ़ाई की सौ-सौ बातें,

पर याद रखना
जिस दिन अति आवश्यकता होगी,
उस दिन
पीछे कोई खड़ा नहीं होगा।
कुछ चुनिंदा सरपरस्त
जब खुद फँसने लगेंगे,
तो सबसे पहले
तुम्हीं पर उँगली उठाएँगे,
अपना दामन पाक-साफ,
और तुम्हें दाग़दार बताएँगे।

औरों का नुकसान करने की हनक में
तुम अपना ही पैर तुड़वाओगे,
रह-रह कर छटपटाओगे
कि जो साथ खड़े थे
वे कहाँ गए?
कीमती हीरे-मोती
कैसे गंवा गए?

नहीं है तुम्हारे भीतर कोई कस्तूरी
जिसे तुम बाहर खोजोगे,
अपने ही किरदार की सुगंध
तुम सदा के लिए खो दोगे।
एक हाथ से ताली बजाना
तुम्हें मुबारक़ हो,

पर साफ़-साफ़ दिख रहा है
यह ताली नहीं,
तुम्हारा लोभ है,
तुम्हारी हवस है,
तुम्हारी तिजारत है!

परिचय :-  राजेन्द्र लाहिरी
निवासी : पामगढ़ (छत्तीसगढ़)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।

प्रिय मित्र, शुभचिंतक एवं परिवारजन आपको प्रेषित मेरी नई स्वरचित रचना, कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें …🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर 98273 60360 पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु हमारे चलभाष क्रमांक 98273 60360 पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…🙏🏻

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *