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अच्छी आदत सब अपनाएं

अंजनी कुमार चतुर्वेदी
निवाड़ी (मध्य प्रदेश)
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अच्छी आदत हर दम अपने,
जीवन में अपनायें।
पा आशीषें वृद्ध जनों की,
जीवन सफल बनायें।

सूरज से, पहले जग जाना,
प्रातः काल नहाना।
गुरु जागें, तुम उनसे पहले,
रोज-रोज, जग जाना।

पूजा-पाठ, संग गृह कारज,
जो, जीवन में करते।
उनसे प्रभु प्रसीद होते हैं,
खुशियाँ दामन भरते।

गुरु पद सेवा, मंदिर जाना,
जीवन में अपनायें।
दुनिया देख,न विचलित हों हम,
प्रभु से खैर मनायें।

मात-पिता की सेवा करना,
है अति प्यारी आदत।
साक्षात भगवान समझना,
सच्ची यही इबादत।

दीन दुखी की सेवा करना,
उनमें हिम्मत भरना।
सबसे अच्छी आदत जग में,
सब की सेवा करना।

सेवा से,मन निर्मल होता,
मैल दूर हो जाता।
निर्मल मन जिसका हो जाता,
वही प्रभु को पाता।

लें संकल्प, सदा जीवन में,
हम शुभ काम करेंगे।
दीन-दुखी सबके जीवन में,
उर आनंद भरेंगे।

अच्छी आदत ही जीवन में,
सारे सुख देती है।
अच्छी आदत सदा सुगंधित,
चंदन की खेती है।

अच्छी आदत, सबका जीवन,
सुखमय सदा बनाती।
श्रेष्ठ आदतें, उत्तम संतति,
जीवन में अपनाती।

परिचय :अंजनी कुमार चतुर्वेदी
निवासी : निवाड़ी (मध्य प्रदेश)
शिक्षा : एम.एस.सी एम.एड स्वर्ण पदक प्राप्त
सम्प्रति : वरिष्ठ व्याख्याता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक २ निवाड़ी
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।


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