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खाली हाथ आये

डॉ. प्रताप मोहन “भारतीय”
ओमेक्स पार्क- वुड-बद्दी
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खाली हाथ आये है
खाली हाथ जाना है।
फिर क्यों संसार में बटोर कर
अपना वक्त गवाना है।
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खाली हाथ आये है जरूर
पर खाली हाथ नहीं जायेंगे।

अच्छे कर्म कर कर
लोगों की दुआए ले जायेंगे।
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जितना ही हम एकत्र करेंगे
सब यहाँ रह जायेगा।
केवल कर्म का पिटारा
हमारे साथ जायेगा।
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अब जोड़ो मत
बांटना शुरू करो।
अपनी ज़िन्दगी को
खुशियों से भरो।
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सबसे अच्छा व्यवहार करो
सबके काम आओ।
सबकी करो भलाई
दुनिया में यही यश कमाओ।
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जब आप नहीं रहेंगे
लोग आपका व्यवहार
याद करेंगे।
और आप मृत्यु के बाद
भी लोगो के दिलों में आप
ज़िंदा रहेंगे।
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अब संचय को छोड़कर
प्रभु वंदन में लग जाओ।
और इस दुनियां के
सब सागर से तर जाओ।
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परिचय : डॉ. प्रताप मोहन “भारतीय”
निवासी : चिनार-२ ओमेक्स पार्क- वुड-बद्दी
घोषणा : मैं यह शपथ पूर्वक घोषणा करता हूँ कि उपरोक्त रचना पूर्णतः मौलिक है।


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