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वैभव

नरेंद्र सिंह
मोहनपुर, अतरी, गया जी (बिहार)

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यह विचित्र-सा लाड़ला, वैभव किया कमाल।
खेल-जगत में छा गया, आज बिहारी लाल।।

माता गृहिणी आरती, पितु संजीव सुजान।
मोतीपुर से यह निकल, बना बिहारी शान।।

वैभव कम वय में किया, जादू-टोना यार।
छक्का-चौका मार कर, चौंकाया संसार।।

दिग्गज सब हैरान हैं, वैभव यह अवतार।
गेंदबाज जितने बड़े, डाले हैं हथियार।।

सूर्यवंश का यश खिला, छाया देश-विदेश।
वैभव एक मिसाल को, किया जगत में पेश।।

गाँव-गली में खेलते, पाया श्रेष्ठ मुकाम।
विश्वपटल पर गूँजता, वैभव का यश-नाम।।

कीर्तिमान वैभव गढ़ा, रचा नया इतिहास।
चकित आज संसार है, यह बालक है खास।।

परिचय :-  नरेंद्र सिंह
निवासी : मोहनपुर, अतरी, गया जी (बिहार)
सम्प्रति : सेवनिवृत्त वरिष्ठ प्रबंधक (पी.एन.बी.)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।

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