Monday, September 14राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

मन का सुकून

आशा शर्मा
धरमपुरी, इंदौर (मध्य प्रदेश)
********************

मन तो दौड़ रहा था,
जन्म से ही चहुं ओर
कुछ रो रोकर खोज रहा था।

कहां हूं मैं, कौन हूं,
कैसे अपनी पहचान करुं।
अलग-अलग हाथों जाकर,
अस्तित्व को लेकर सोच रहा था।

जब सभी हाथों से यात्रा कर,
मां की गोद में आया।
बड़े निश्छल और
वात्सल्य भाव से,
मां ने हृदय‌ से लगाया।

सबने देखा तो समझ आया,
सारी चंचलता गौण हो गई।
रोने वाली आवाज सहसा,
गहरी मुस्कान के साथ
नींद में खो गई।

सुकून का अर्थ है विश्वास,
अब उस अबोध मन को,
विश्वास हो गया।
यही मेरी सुरक्षित थाती है।
संसार क्षण-भंगुर है,
पर मां की गोद और प्रेम
अद्भुत सुकून दे जाती है।

संसार में रहते हुए और,
संसार से जाने के बाद भी,
सुख-समृद्धि और आरोग्य का,
आशीर्वाद लुटाती है।

हर वस्तु पैसे से
खरीदी जा सकती है।
अहंकार को भौतिकता बढ़ाती है,
मां तो बिना मोल अनमोल,
सुकून और विश्वास से
समर्पण सिखा जाती है।

हैं तब तक लूट लो,
चुकाया नहीं जायेगा।
बस अहसास है जो,
उसके ना रहने पर बहुत,
याद आएगा।

(सुकून) और वह
विश्वास कहां है,
जो केवल मां हाथ सर पर,
रख दें तो अनंत सुख
से भी अधिक मूल्यवान है।

मन का सुकून निश्छल और
निष्कपट प्रेम से ही जन्म लेता है।

परिचय : आशा शर्मा
पति : श्रीहनुमान प्रसाद शर्मा
निवासी : धरमपुरी सांवेर रोड इंदौर (मध्य प्रदेश)
सम्प्रति : शिक्षिका हायरसैकैंडरी स्कूल
साहित्यिक परिचय : कविता, भजन, लघुकथा, लेख, आदि विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं। शिक्षण कार्य में निबंध लेखन किया है।
अन्य : विश्व रचनाकार मंच, शारदा साहित्य मंच, मनपसंद हास्य योग कला साहित्य मंच, शब्दसागर समूह, शुभ संकल्प समूह, आदि मंचों पर निरंतर लेखन कार्य। एवं पूर्व में आडियो कैसेट के लिए लेखन। अंतरराष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ अयोध्या मंच, पर संचालन, शुभ संकल्प समूह प्रकाशन से एवं अनेक मंचों से श्रेष्ठ लेखन के लिए सम्मानित।
प्रकाशन : “मैं कणिका मेरी कथा” आत्मकथा का प्रकाशन।
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।


कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें …🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर 98273 60360 पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु हमारे चलभाष क्रमांक 98273 60360 पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…🙏🏻

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *