पृथ्वी दिवस मनाएँ…. पर्यावरण बचाएँ….
शिवेंद्र शर्मा
इंदौर (मध्य प्रदेश)
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जल, जंगल और जमीनें,
प्राणाधार हमारे हैं।
पूजनीय थे पहले सब,
अब हम इनके हत्यारे हैं
बंजर होती धरती को,
रेगिस्तान नहीं बनने देंगे।
बहुत हुई है बर्बादी,
अब पेड़ नहीं कटने देंगे।
पर्यावरण से है जीवन,
इसकी रक्षा करनी होगी।
गाँव-गाँव से शहरों तक,
अलख जगानी ही होगी।
परिचय :- शिवेंद्र शर्मा
पिता : बी.पी. शर्मा
जन्म दिनांक : २७/११/१९६३
निवासी : इंदौर (मध्य प्रदेश)
प्रकाशित पुस्तकें : दस्ताने जबरिया, बीन पानी सब सून, सब पढ़ें आगे बढ़ें, उज्जैनी महिमा एवं अन्य १२५ कविताएं व गीतों की रचना आदि।
सम्मान : ४० राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय सम्मान
सम्प्रति : सिविल इंजिनियर (भारत सरकार)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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