आया बसंत
राहुल सावनेर
पुनासा (मध्य प्रदेश)
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स्वागत है ऋतुराज तुम्हारा
ऋतुओं पर हे राज तुम्हारा
नाही शरद ओर नाही ग्रीष्म है
कबसे था आसरा तुम्हारा
अमुओ पर हे बौर है आए
डाल डाल पर सुमन हे छाए
भोरे भी अब लगे गूंजने
कोयल मीठे गीत है गाए
झांके सूर्य बादल इतराए
किरणे छन छन धरा पे आए
ऋतुराज आए हे धरती पर
सुबह शाम ये सब को बताए
परिचय :- राहुल सावनेर
निवासी - पुनासा (मध्य प्रदेश)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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