मां
राम शर्मा "परिंदा"
मनावर (धार)
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बहन-बेटी और वही सास है
मां हर रिश्ते का अहसास है
हर रिश्ता हो सकता है गौण
मां का रिश्ता बहुत खास है
करले परिक्रमा मां की मानव
मां में हर देवता का वास है
उजाले से कर मां की तुलना
मां अंधियारे में भी प्रकाश है
मां के बिना सूना-सूना जहां
मां हर त्यौहार का उल्लास है
मां दरिया है प्रेम का परिंदा
मां के बिना अधूरी प्यास है
परिचय :- राम शर्मा "परिंदा" (रामेश्वर शर्मा) पिता स्व. जगदीश शर्मा आपका मूल निवास ग्राम अछोदा पुनर्वास तहसील मनावर है। आपने एम.कॉम बी एड किया है वर्तमान में आप शिक्षक हैं आपके तीन काव्य संग्रह १- परिंदा, २- उड़ान, ३- पाठशाला प्रकाशित हो चुके हैं और विभिन्न समाचार पत्रों में आपकी रचनाओं का प्रकाशन होता रहता है, दूरदर्शन पर काव्य पाठ के साथ-साथ आप मंचीय कवि सम्मेलन में संचालन भी करते हैं। आपके साहित्य चुनने का ...
























