इंतजार
सुरेखा सुनील दत्त शर्मा
बेगम बाग (मेरठ)
**********************
मुझे पता है बेकार है इंतजार तेरा,
अब ये भी ना करूं तो क्या करूं।
मुझे पता है दोस्त है तू मेरा,
तेरी दोस्ती का एहसास ना करूं तो क्या करूं।।
मुझे पता है प्यार है तू किसी और का,
तेरे प्यार का इंतजार ना करूं तो क्या करूं।
मुझे पता है दोस्त है दोस्ती है मेरी,
इस वफा का इंतजार ना करूं तो क्या करूं।
मुझे पता है ये सिर्फ एहसास है मेरा,
इस तन्हाई में तेरा इंतजार ना करूं तो क्या करूं।
मुझे पता है तू किसी और की अमानत है
नहीं मिल सकता इस जन्म में मुझे,
अगले जन्म की दुआओं में तेरा
इंतजार ना करूं तो क्या करूं।
मुझे चाहने से पहले आजमाने से पहले
कुछ कहने से पहले दूरियां बना ली मुझसे,
अब इन दूरियों का गम भी ना करूं तो क्या करूं।
मुझे पता है बेकार है इंतजार तेरा,
अब ये भी ना करूं तो क्या करूं।।
.
परिचय :- सुरेखा "सुनील "दत्त शर्मा
साहित्यिक ...
























