कवियों की क्लास
डॉ. विनोद वर्मा "आज़ाद"
देपालपुर
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शुरू हुई कवियों की क्लास,
उसमे शिक्षक बना विश्वास।
डॉ. आज़ाद ने मालवी रचना सुनाई,
डीपी. ने करुण-श्रृंगार बनाई,
गोवर्धन राही ने विरह रचाई,
समद ने चुलबुलाहट पर नज़र दौड़ाई।
हेम अकेला का भी मन ललचाया,
हेमराज ने मधुर गीत गुनगुनाया,
गोवर्धन मामा ने मामी पर गीत सुनाया,
रमेश नागर ने ग़ज़ल का ज्ञान कराया।
हरि सोलंकी ने भी डायरी सम्भाली,
हर्षित होकर बगिया में नाचा माली,
गोष्ठी में किसी ने गाई होली-दिवाली,
किसी ने राखी के साथ छठ भी गा ली।
मेघ ठुम्मक-ठुम्मक कर आएगा,
स्नेह, प्रीत-प्यार का गीत लाएगा,
हर कवि अपनी कलम पर मुस्कुराएगा,
श्रोताओं-दर्शकों का मनोरंजन करवाएगा।
परिचय :- डॉ. विनोद वर्मा "आज़ाद" सहायक शिक्षक (शासकीय)
शिक्षा - एम.फिल.,एम.ए. (हिंदी साहित्य), एल.एल.बी., बी.टी., वैद्य विशारद पीएचडी.
निवास - इंदौर जिला मध्यप्रदे...























