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जीवन धारा
कविता

जीवन धारा

मनोरमा जोशी इंदौर म.प्र. ******************** बहती जाये जीवन धार, सुख मे साथी क ई हजार दुःख मेंं बंद सभी के द्वार। मन कहता बैरागी होजा, मन कहता रंगों में खोजा, छलना मय संसार। दुःख में बंद सभी के द्वार। पगले अर्थ समझ जीवन का, सर्जन और विसर्ज तन का, होना है हर बार। दुःख मे बंद सभी के द्वार। तन से रिश्ता नहीं प्राण का, रामायण गीता कुराण का, मर्म यहीं हैं सार। दुःख मे बंद सभी के द्वार। ज़ी आशा लेकर तू कल की, रुके नहीं गति जीवन जल की, बहती जाये धार। दुःख मे बंद सभी के द्वार। . . परिचय :-  श्रीमती मनोरमा जोशी का निवास मध्यप्रदेश के इंदौर में है। आपका साहित्यिक उपनाम ‘मनु’ है। आपकी जन्मतिथि १९ दिसम्बर १९५३ और जन्मस्थान नरसिंहगढ़ है। शिक्षा - स्नातकोत्तर और संगीत है। कार्यक्षेत्र - सामाजिक क्षेत्र-इन्दौर शहर ही है। लेखन विधा में कविता और लेख लिखती हैं। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में ...
अन्तर्मन
कविता

अन्तर्मन

शरद सिंह "शरद" लखनऊ ******************** अन्तर्मन की सूनी बगिया में, फूल खिले अरमानों के, झूम उठा मन हुआ वावरा फूटे स्त्रोत तरानों के। भेदी चादर घोर तिमिर की, चन्द्र किरण अब चमक उठी, शुष्क वाटिका में अब फ़िर से पुष्प वल्लरी बिहन्स उठी। सुप्त रहें खोये खोये, उन भंवरों की गुंजार उठी मनुहारी तितली की आभा, हर बगिया गुनगुना उठी। बहे बासन्ती ‌व्यार सुहानी मतवाली बन लहक-लहक, नीलगगन में इतराते वो पंछी प्यारे चहक-चहक, पुरवैया के झोंकों से उड़े चुनरिया गोरी की करें सहेली हंसी ठिठोली, नयी नवेली दुल्हन की ! प्रियतम संग गोरी मुस्काये, पल पल जाये वहक-वहक, झुक-झुक जाये लाज से नयना, आंचल जाये ढलक-ढलक। . परिचय :- बरेली के साधारण परिवार मे जन्मी शरद सिंह के पिता पेशे से डाॅक्टर थे आपने व्यक्तिगत रूप से एम.ए.की डिग्री हासिल की आपकी बचपन से साहित्य मे रुचि रही व बाल्यावस्था में ही कलम चलने लगी ...
नियोजित शिक्षक
कविता

नियोजित शिक्षक

कंचन प्रभा दरभंगा (बिहार) ******************** आज शिक्षक की क्या हालत हो गई है। सभी विद्यालय जैसे आज अदालत हो गई है। हर छोटी मछली बड़ी मछली का शिकार बन रही है। शिक्षा देना बच्चों को सरकारी व्यापार बन रही है। नेता भी लगे हैं अपनी उल्लु सीधा करने में। चापलूसों की क्या कहे भला हम जो लगे हैं जेबी भरने में। घर परिवार की ना सोचें और उजड़े उपवन बनते हैं। इनमें भी है खुब खराबी अब क्या क्या मैं बयाँ करुँ? काम है चने चबाना फिर क्यों ना मैं उनका सम्मान करूँ? हे भगवान तुझे ही क्या कभी इनसे कुछ दुश्मनी हुई थी? क्या तेरा नेताओं से भर भर घुटने बनी हुई थी? हर क्षेत्र में हर कार्य में अधिकारी निकाले इनका फरमान। फिर आज क्यों आज जमाने में मिलता नहीं इनको सम्मान। . परिचय :- कंचन प्रभा निवासी - लहेरियासराय, दरभंगा, बिहार सम्मान - हिंदी रक्षक मंच इंदौर (hindirakshak.com) द्वारा हिन्दी ...
मेरी माँ मेरा आधार
कविता

मेरी माँ मेरा आधार

संजय जैन मुंबई ******************** कितना मुझे हैरान, परेशान किया लोगों। पर मकसद में वो, कामयाब हो नहीं पाये। क्योंकि है माँ का आशीर्वाद, जो मेरे सिर पर। इसलिए तो बड़ी से बड़ी, मुश्किलों से निकल जाता हूँ।। धन दौलत से ज्यादा, मुझे मेरी माँ प्रिये है। तभी तो मैं भागता नहीं, पैसों के लिए कभी। पैसा और सौहरत हमें, बहुत मिलती रहती है । क्योंकि मेरे साथ, मेरी मां जो रहती है।। पैसों की खातिर में अपनी, मां को छोड़ सकता नहीं। चाहे मुझे पैसा और सौहरत, बिल्कुल भी न मिले। पर मुझे पता है माँ से बढ़कर, संसार में कुछ भी नहीं। इसलिए तो मेरी माँ ही, मेरे जीवन का आधार है।। . परिचय :- बीना (मध्यप्रदेश) के निवासी संजय जैन वर्तमान में मुम्बई में कार्यरत हैं। करीब २५ वर्ष से बम्बई में पब्लिक लिमिटेड कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत श्री जैन शौक से लेखन में सक्रिय हैं और इनकी रचनाएं हिंदी रक्षक मंच (hi...
औरत
कविता

औरत

आशा जाकड़ इंदौर म.प्र. ******************** पराधीनता का है नाम न उसकी कोई पहचान न अपना कोई काम उसका कुछ अपना नहीं सोचा हुआ सपना नहीं जन्म से मृत्यु तक अधीन अन्यथा है वह श्री विहीन है देवी, पूज्यनीया और जननी, जो अपने लिए नहीं, औरों के लिए जीती है। आंखों में आंसू लेकर, औरों को खुशियां देती है। ममता, त्याग, दया की देवी पल-पल, जीती-मरती है। पढ़ी-लिखी होने पर भी, पुरुषों से कम आती जाती है। दहेज के कारण आज भी, भ्रूण हत्या का शिकार होती है। बचपन से लेकर मरण तक जीवन भर चुप रह सहती है। घर-परिवार को संभाल कर, देश की बागडोर भी संभालती है। पर, परतंत्रता में ही उसका अस्तित्व है। स्वतंत्र होकर तो और भी परितंत्र है। वो बेटी, बहना, पत्नी, मां बनती है, तभी तो औरत का गहना पहनती है। आदर्श की बलिवेदी पर वही आग में झोंकी जाती है पवित्रता की आड़ में, वही छली जाती है। सांसें ...
दहेज प्रताड़ना का दंश
कविता

दहेज प्रताड़ना का दंश

विमल राव भोपाल म.प्र ******************** एक नई नवेली दुल्हन को कुछ लोगों ने क्या सिला दिया बाबुल के अंगना से लाकर पीहर में उसको "ज़ला" दिया क्या होते हैं रिश्तें नाते उन गददारो ने भुला दिया कितनी तड़फी होगी बेहना जब उसको जिन्दा ज़ला दिया चीखी-चिल्लाई होगी वो क्या पूरी बस्ती बेहरी थी जब धुआँ उठा होगा घर में दिन में भी, रात अँधेरी थी कोई आ जाता, पानी लेकर दरवाजा तोड़, बचा लेता घरमें भी सब मौजूद रहे कोई तो, आग भुजा देता जिस पति पर विश्वास किया उसने (अंजु ) को जला दिया बेहना की बातो में आकर पत्नी को क्या सिला दिया उसकी हर एक चीख पिता के मन को बहुत सताती हैं जिस माँ ने उसको जनम दिया उसकी छाती भर आती हैं कितनी मेहनत से, पाला था उस माँ ने अपनी, बेटी को एक पल में उसने जला दिया पापा की प्यारी बेटी को ये काम कमीनो वाला हैं कोई कुत्ता ही कर सकता हैं द्रोपति का चीर हरण जग में कोई दुस्...
दीपक्रान्ति पांडेय हिंदी रक्षक २०२० सम्मान से सम्मानित
साहित्य समाचार

दीपक्रान्ति पांडेय हिंदी रक्षक २०२० सम्मान से सम्मानित

कलमकार सुश्री दीपक्रान्ति पांडेय को हिन्दी रक्षक मंच द्वारा हिंदी रक्षक २०२० सम्मान से सम्मानित किया गया वे अब से हिंदी रक्षक दीपक्रान्ति पांडेय के नाम से जानी जाएंगी। इन्दौर। हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा का स्थान दिलाने व हिन्दी साहित्य के रक्षण हेतु बनाये गए हिन्दी रक्षक मंच द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में ३२ कवियों व साहित्यकारों को हिन्दी रक्षक सम्मान २०२० से सम्मानित किया गया। हिन्दी रक्षक मंच के संस्थापक एंव hindirakshak.com के संपादक पवन मकवाना ने बताया कि कार्यक्रम में इन्दौर सहित भारत के अलग-अलग राज्यों व शहरों झारखंड, मनावर, उज्जैन, धार, रीवा, कानपुर, देपालपुर, भोपाल, देवास, दरभंगा बिहार, कोटा राजस्थान, चंपारण बिहार, बेगमगंज मेरठ, मोतिहारी बिहार से पधारे ३२ साहित्यकारों को हिन्दी रक्षक सम्मान २०२० से सम्मानित किया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथी महामण्डलेश्वर दादु महाराज, देवपुत्...
राम शर्मा “परिंदा”  हिंदी रक्षक २०२० सम्मान से सम्मानित
साहित्य समाचार

राम शर्मा “परिंदा” हिंदी रक्षक २०२० सम्मान से सम्मानित

कलमकार श्री राम शर्मा "परिंदा" को हिन्दी रक्षक मंच द्वारा हिंदी रक्षक २०२० सम्मान से सम्मानित किया गया वे अब से हिंदी रक्षक राम शर्मा "परिंदा" के नाम से जाने जाएंगे। इन्दौर। हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा का स्थान दिलाने व हिन्दी साहित्य के रक्षण हेतु बनाये गए हिन्दी रक्षक मंच द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में ३२ कवियों व साहित्यकारों को हिन्दी रक्षक सम्मान २०२० से सम्मानित किया गया। हिन्दी रक्षक मंच के संस्थापक एंव hindirakshak.com के संपादक पवन मकवाना ने बताया कि कार्यक्रम में इन्दौर सहित भारत के अलग-अलग राज्यों व शहरों झारखंड, मनावर, उज्जैन, धार, रीवा, कानपुर, देपालपुर, भोपाल, देवास, दरभंगा बिहार, कोटा राजस्थान, चंपारण बिहार, बेगमगंज मेरठ, मोतिहारी बिहार से पधारे ३२ साहित्यकारों को हिन्दी रक्षक सम्मान २०२० से सम्मानित किया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथी महामण्डलेश्वर दादु महाराज, देवपुत्र ...
जिन्दगी
कविता

जिन्दगी

रूपेश कुमार (चैनपुर बिहार) ******************** जिन्दगी के पन्नों में, ना जाने कब क्या हो, कही मौत का पता नहीं, कही जान का अता नहीं। सिर्फ रह जाती हैं, नीलाम्बर सी याद्दे, इन यादों का एहसास, ना जाने कब दफन हो जाएँ। वक्त के साथ चलो, जिंदगी के मेलों मे, मधुर वाणी के अमृत की, जीवन चरिचार्थ हुईं। . परिचय :-  नाम - रूपेश कुमार छात्र एव युवा साहित्यकार शिक्षा - स्नाकोतर भौतिकी, इसाई धर्म (डीपलोमा), ए.डी.सी.ए (कम्युटर), बी.एड (महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड यूनिवर्सिटी बरेली यूपी) वर्तमान-प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी ! निवास - चैनपुर, सीवान बिहार सचिव - राष्ट्रीय आंचलिक साहित्य संस्थान प्रकाशित पुस्तक - मेरी कलम रो रही है कुछ सहित्यिक संस्थान से सम्मान प्राप्त ! आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि हिंदी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं फोटो के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, हि...
मातृभूमि
कविता

मातृभूमि

श्रीमती शोभारानी तिवारी इंदौर म.प्र. ******************** मातृभूमि तुम्हें नमन, यहां की माटी है चंदन, ये हिंदुस्तान है मेरा। हमारे दिल की है धडकन, मां के चरणों में वंदन, ये हिंदुस्तान है मेरा। वंदे मातरम धड़कन दिल की, राष्ट्र की आराधना है, ऊर्जा देने वाला गीत है, भारत मां की वंदना है, कफन बांधकर निकले घर से श्वास नहीं गिना करते, देश की हिफाजत करना भी, पूजा और अर्चना है, तो तिरंगा हो कफन हमारा, बस यही अरमान, ये हिंदुस्तान है मेरा। मां के दामन पर कभी भी, दाग नहीं लगने देंगे, जो वो गए मस्तक धरती पर, मान नहीं घटने देंगे, स्वतंत्रता की ज्योत जल रही, उसे नहीं बुझने देंगे, मर भी जाएं तो ये तिरंगा, कभी नहीं झुकने देंगे, तो मां के सर का ताज तिरंगा वीरों का सम्मान, ये हिंदुस्तान है मेरा, ये हिंदुस्तान है मेरा। . परिचय :- श्रीमती शोभारानी तिवारी इंदौर म.प्र. आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, ...
मां शारदे
कविता

मां शारदे

ओमप्रकाश सिंह चंपारण (बिहार) ******************** मां शारदे तू मुझ पर कृपा कर दे। मैं दीन-हीन अति पामर। मुझ पर कृपा दृष्टि कर दे मां शारदे तू मुझ पर कृपा कर दे। श्वेत वासिनी मां तू अंतस मे विज्ञान-ज्ञान भर दे। तू महामूर्ख कालीदास को छन में महाकवि बनाया। ज्योतिपुंज भर दे। दीन पर दया कर दे। झंकृत कर दो तू अपनी वीणा की तारें वाणी में ओज भर दे। अलंकृत हो मेरा भी जीवन तू कृपा दृष्टि कर दें। श्वेत कमल पर आसन तेरी मां मुझ पर कृपा कर दे। . परिचय :-  ओमप्रकाश सिंह (शिक्षक मध्य विद्यालय रूपहारा) ग्राम - गंगापीपर जिला -पूर्वी चंपारण (बिहार) आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि हिंदी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं फोटो के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, हिंदी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, हिंदी में टाईप करके हमें hindiraksha...
भुला न सके हम
कविता

भुला न सके हम

शरद सिंह "शरद" लखनऊ ******************** चाहा बहुत था भुला दे तुम्हें हम पर भुला न सके हम पूछा जमाने ने होती क्यो रुसवा, चाहा बहुत था कह दे सभी कुछ पर बता न सके हम। तडपे थे जब जब हम हास्य बिखेरा था हमने हंसे थे लब पर हंस न सके हम चाहा बहुत था करदे बयां हम पर बेबाफाई तुम्हारी कह न सके हम। जागे सदा यादों में तुम्हारी पलकें झुकी पर सो न सके हम। रही नम यह आंखे सिले होंठ अपने बरसे नयन पर रो न सके हम . परिचय :- बरेली के साधारण परिवार मे जन्मी शरद सिंह के पिता पेशे से डाॅक्टर थे आपने व्यक्तिगत रूप से एम.ए.की डिग्री हासिल की आपकी बचपन से साहित्य मे रुचि रही व बाल्यावस्था में ही कलम चलने लगी थी। प्रतिष्ठा फिल्म्स एन्ड मीडिया ने "मेरी स्मृतियां" नामक आपकी एक पुस्तक प्रकाशित की है। आप वर्तमान में लखनऊ में निवास करती है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि हिंदी रक्षक मंच पर ...
आ कर इस शहर में
कविता

आ कर इस शहर में

कंचन प्रभा दरभंगा (बिहार) ******************** ये दूरियाँ किसी तरह अब मिटा दिजीये उजड़े बहारों की हँसी जरा लौटा दिजीये ये गमों का धुंध बिखर गया जो फ़िजा में इक बार शहर में आ कर इसे हटा दिजीये ये दूरियाँ किसी तरह अब मिटा दिजीये दरवाजों के धुंधले पर्दो के पीछे से या फिर कमरे के किसी बन्द दरीचे से अपने होठों पर मेरा नाम सजा लिजिये ये दूरियाँ किसी तरह अब मिटा दिजीये मेरे खामोश आँगन में इक गम का दीया जलता है मेरे सुनसान धड़कन में इक डर सा कुछ पलता है अपनी आगोश में मुझको छिपा लिजिये ये दूरियाँ किसी तरह अब मिटा दिजीये . परिचय :- कंचन प्रभा निवासी - लहेरियासराय, दरभंगा, बिहार सम्मान - हिंदी रक्षक मंच इंदौर (hindirakshak.com) द्वारा हिन्दी रक्षक सम्मान आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि हिंदी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं फोटो के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, हिंदी रक्ष...
में कृषक हूँ
कविता

में कृषक हूँ

मनोरमा जोशी इंदौर म.प्र. ******************** मुझकों सभी ग्राम कहते हैं कहते कृषि का ज्ञानी , राग द्बेष है नहीं किसी से , मेरा मन सैलानी । जन्म भूमि है खेत किसान की , फसलें यहाँ लहराती, कच्चे घर माटी के सुन्दर छटा प्रकृति बिखराती । खेत यहाँ खलिहान यहाँ, नदी झील है झरना , वन वैभव की सुषमा देखूँ, हँसकर नित्य विचरना । ज्वार बाजरा गेहूँ मक्का, चना मटर जो न्यारे , कोदों सवा धान की फसलें , होते चावल न्यारे । निस दिन मोर पपीहे कोयल , मुझ को गीत सुनाते , सोन चिड़ी तोता मैना, निशदिन खेत मे आते । आती यहाँ बसंत बहारें , आती है बरसातें । खेतों की हरियाली मुझकों दे जाती सौगातें । बडे़ बड़े दुःख भार उठाये मेनें अपने तन पे , हुआ न विचलित फिर भी भैया पूछो मेरे मन से , हुआ देश आजाद मुक्त हूँ टूटे बंधन सारे । . . परिचय :-  श्रीमती मनोरमा जोशी का निवास मध्यप्रदेश के इंदौर में है। आपका साहित्यिक ...
तुमसे दूर
कविता

तुमसे दूर

अमरीश कुमार उपाध्याय रीवा म.प्र. ******************** माना हम बहुत दूर है तुमसे पूछ लेने में भी कंजूस है तुमसे, तुम सरेआम नाम मेरा लेते हो मै अपने में भी लेने में कंजूस हूं तुमसे, मेरा तो कल का वजूद है तुमसे यू रास्ते में मिला ना करो मुझसे, मेरे रास्ते जान लेंगे तुमसे अभी तो नाम ले के आए हैं कल मेरे नाम से जान लेंगे तुमको, हम बहुत दूर है........।। . परिचय :- अमरीश कुमार उपाध्याय निवासी - रीवा म.प्र. पिता - श्री सुरेन्द्र प्रसाद उपाध्याय माता - श्रीमती चंद्रशीला उपाध्याय शिक्षा - एम. ए. हिंदी साहित्य, डी. सी. ए. कम्प्यूटर, पी.एच. डी. अध्ययनरत आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि हिंदी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं फोटो के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, हिंदी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, हिंदी में टाई...
खूबसूरत चेहरे
लघुकथा

खूबसूरत चेहरे

श्रीमती मीना गोदरे 'अवनि' इंदौर म. प्र. ******************** मूवी देखकर लौट रही दिव्या ने अपना टू-व्हीलर स्टार्ट करने के पहले दुपट्टे से मुंह इस तरह लपेटा कि बस उसकी आंखें ही शेष बची थीं उस पर गागिल चढ़ा लिया। मनीषा पीछे की सीट पर बैठते हुए बोली तुम भी यार... क्योंं पडी रहती हो इस झंझट में, मुझे देखो मैं तो कभी चेहरा नहीं ढ़क सकती, फिर भी क्या तुम्हें मेरे चेहरे की चमक कम दिखती है? "अभी अभी तू छपाक देखकर लौट रही है फिर भी ऐसे सवाल करती है" "मुझे किसी का डर नहीं न ही मैंने कोई ग़लत काम किया है" पर चेहरा तो खूबसूरत है, कहते हुए दिव्या ने गाड़ी बढ़ा दी। ओह..... तभी मै सोचूं खूबसूरत चेहरे आजकल दिखाई क्यों नहीं देते। . परिचय :- नाम - श्रीमती मीना गोदरे 'अवनि' शिक्षा - एम.ए.अर्थशास्त्र, डिप्लोमा इन संस्कृत, एन सी सी कैडेट कोर सागर हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय दार्शनिक शिक्षा - जैन दर्श...
विनोदसिंह गुर्जर हिंदी रक्षक २०२० सम्मान से सम्मानित
साहित्य समाचार

विनोदसिंह गुर्जर हिंदी रक्षक २०२० सम्मान से सम्मानित

कलमकार श्री विनोदसिंह गुर्जर को हिन्दी रक्षक मंच द्वारा हिंदी रक्षक २०२० सम्मान से सम्मानित किया गया वे अब से हिंदी रक्षक विनोदसिंह गुर्जर के नाम से जाने जाएंगे। इन्दौर। हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा का स्थान दिलाने व हिन्दी साहित्य के रक्षण हेतु बनाये गए हिन्दी रक्षक मंच द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में ३२ कवियों व साहित्यकारों को हिन्दी रक्षक सम्मान २०२० से सम्मानित किया गया। हिन्दी रक्षक मंच के संस्थापक एंव hindirakshak.com के संपादक पवन मकवाना ने बताया कि कार्यक्रम में इन्दौर सहित भारत के अलग-अलग राज्यों व शहरों झारखंड, मनावर, उज्जैन, धार, रीवा, कानपुर, देपालपुर, भोपाल, देवास, दरभंगा बिहार, कोटा राजस्थान, चंपारण बिहार, बेगमगंज मेरठ, मोतिहारी बिहार से पधारे ३२ साहित्यकारों को हिन्दी रक्षक सम्मान २०२० से सम्मानित किया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथी महामण्डलेश्वर दादु महाराज, देवपुत्र के स...
प्रद्युम्न शर्मा हिंदी रक्षक २०२० राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित
साहित्य समाचार

प्रद्युम्न शर्मा हिंदी रक्षक २०२० राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित

कलमकार श्री प्रद्युम्न शर्मा को हिन्दी रक्षक मंच द्वारा हिंदी रक्षक २०२० राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया वे अब से हिंदी रक्षक प्रद्युम्न शर्मा के नाम से जाने जाएंगे। इन्दौर। हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा का स्थान दिलाने व हिन्दी साहित्य के रक्षण हेतु बनाये गए हिन्दी रक्षक मंच द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में ३२ कवियों व साहित्यकारों को हिन्दी रक्षक राष्ट्रीय सम्मान २०२० से सम्मानित किया गया। हिन्दी रक्षक मंच के संस्थापक एंव hindirakshak.com के संपादक पवन मकवाना ने बताया कि कार्यक्रम में इन्दौर सहित भारत के अलग-अलग राज्यों व शहरों झारखंड, मनावर, उज्जैन, धार, रीवा, कानपुर, देपालपुर, भोपाल, देवास, दरभंगा बिहार, कोटा राजस्थान, चंपारण बिहार, बेगमगंज मेरठ, मोतिहारी बिहार से पधारे ३२ साहित्यकारों को हिन्दी रक्षक राष्ट्रीय सम्मान २०२० से सम्मानित किया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथी महामण्डलेश...
दामोदर विरमाल हिंदी रक्षक २०२० सम्मान से सम्मानित
साहित्य समाचार

दामोदर विरमाल हिंदी रक्षक २०२० सम्मान से सम्मानित

कलमकार श्री दामोदर विरमाल को हिन्दी रक्षक मंच द्वारा हिंदी रक्षक २०२० सम्मान से सम्मानित किया गया वे अब से हिंदी रक्षक दामोदर विरमाल के नाम से जाने जाएंगे। इन्दौर। हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा का स्थान दिलाने व हिन्दी साहित्य के रक्षण हेतु बनाये गए हिन्दी रक्षक मंच द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में ३२ कवियों व साहित्यकारों को हिन्दी रक्षक सम्मान २०२० से सम्मानित किया गया। हिन्दी रक्षक मंच के संस्थापक एंव hindirakshak.com के संपादक पवन मकवाना ने बताया कि कार्यक्रम में इन्दौर सहित भारत के अलग-अलग राज्यों व शहरों झारखंड, मनावर, उज्जैन, धार, रीवा, कानपुर, देपालपुर, भोपाल, देवास, दरभंगा बिहार, कोटा राजस्थान, चंपारण बिहार, बेगमगंज मेरठ, मोतिहारी बिहार से पधारे ३२ साहित्यकारों को हिन्दी रक्षक सम्मान २०२० से सम्मानित किया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथी महामण्डलेश्वर दादु महाराज, देवपुत्र के संपादक ...
श्रीमति मनीषा व्यास इंदौर म.प्र. मे हिंदी रक्षक २०२० सम्मान से सम्मानित
साहित्य समाचार

श्रीमति मनीषा व्यास इंदौर म.प्र. मे हिंदी रक्षक २०२० सम्मान से सम्मानित

कलमकार श्रीमति मनीषा व्यास को हिन्दी रक्षक मंच द्वारा हिंदी रक्षक २०२० सम्मान से सम्मानित किया गया वे अब से हिंदी रक्षक मनीषा व्यास के नाम से जानी जाएंगी। इन्दौर। हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा का स्थान दिलाने व हिन्दी साहित्य के रक्षण हेतु बनाये गए हिन्दी रक्षक मंच द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में ३२ कवियों व साहित्यकारों को हिन्दी रक्षक सम्मान २०२० से सम्मानित किया गया। हिन्दी रक्षक मंच के संस्थापक एंव hindirakshak.com के संपादक पवन मकवाना ने बताया कि कार्यक्रम में इन्दौर सहित भारत के अलग-अलग राज्यों व शहरों झारखंड, मनावर, उज्जैन, धार, रीवा, कानपुर, देपालपुर, भोपाल, देवास, दरभंगा बिहार, कोटा राजस्थान, चंपारण बिहार, बेगमगंज मेरठ, मोतिहारी बिहार से पधारे ३२ साहित्यकारों को हिन्दी रक्षक सम्मान २०२० से सम्मानित किया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथी महामण्डलेश्वर दादु महाराज, देवपुत्र के संपादक श...
श्रीमति रागिनी सिंह इंदौर म.प्र. मे हिंदी रक्षक २०२० सम्मान से सम्मानित
साहित्य समाचार

श्रीमति रागिनी सिंह इंदौर म.प्र. मे हिंदी रक्षक २०२० सम्मान से सम्मानित

इंदौर म.प्र. मे रीवा की कलमकार श्रीमति रागिनी सिंह को हिन्दी रक्षक मंच द्वारा हिंदी रक्षक २०२० सम्मान से सम्मानित किया गया वे अब से हिंदी रक्षक रागिनी सिंह के नाम से जानी जाएंगी। इन्दौर। हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा का स्थान दिलाने व हिन्दी साहित्य के रक्षण हेतु बनाये गए हिन्दी रक्षक मंच द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में ३२ कवियों व साहित्यकारों को हिन्दी रक्षक सम्मान २०२० से सम्मानित किया गया। हिन्दी रक्षक मंच के संस्थापक एंव hindirakshak.com के संपादक पवन मकवाना ने बताया कि कार्यक्रम में इन्दौर सहित भारत के अलग-अलग राज्यों व शहरों झारखंड, मनावर, उज्जैन, धार, रीवा, कानपुर, देपालपुर, भोपाल, देवास, दरभंगा बिहार, कोटा राजस्थान, चंपारण बिहार, बेगमगंज मेरठ, मोतिहारी बिहार से पधारे ३२ साहित्यकारों को हिन्दी रक्षक सम्मान २०२० से सम्मानित किया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथी महामण्डलेश्वर दादु महाराज,...
भारत भूषण पाठक इंदौर म.प्र. मे हिंदी रक्षक 2020 सम्मान से सम्मानित हुए
साहित्य समाचार

भारत भूषण पाठक इंदौर म.प्र. मे हिंदी रक्षक 2020 सम्मान से सम्मानित हुए

इंदौर म.प्र. मे दुमका झारखंड के कलमकार श्री भारत भूषणजी पाठक को हिंदी रक्षक २०२० सम्मान से सम्मानित किया गया वे आज से हिंदी रक्षक भारत भूषण के नाम से जाने जाएंगे। इन्दौर। हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा का स्थान दिलाने व हिन्दी साहित्य के रक्षण हेतु बनाये गए हिन्दी रक्षक मंच द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में ३२ कवियों व साहित्यकारों को हिन्दी रक्षक सम्मान २०२० से सम्मानित किया गया। हिन्दी रक्षक मंच के संस्थापक एंव hindirakshak.com के संपादक पवन मकवाना ने बताया कि कार्यक्रम में इन्दौर सहित भारत के अलग-अलग राज्यों व शहरों झारखंड, मनावर, उज्जैन, धार, रीवा, कानपुर, देपालपुर, भोपाल, देवास, दरभंगा बिहार, कोटा राजस्थान, चंपारण बिहार, बेगमगंज मेरठ, मोतिहारी बिहार से पधारे ३२ साहित्यकारों को हिन्दी रक्षक सम्मान २०२० से सम्मानित किया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथी महामण्डलेश्वर दादु महाराज, देवपुत्र के स...
हिन्दी रक्षक मंच द्वारा आयोजित सम्मान समारोह एंव अखिल भारतीय कवि सम्मेलन संपन्न
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हिन्दी रक्षक मंच द्वारा आयोजित सम्मान समारोह एंव अखिल भारतीय कवि सम्मेलन संपन्न

इन्दौर। हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा का स्थान दिलाने व हिन्दी साहित्य के रक्षण हेतु बनाये गए हिन्दी रक्षक मंच द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में ३२ कवियों व साहित्यकारों को हिन्दी रक्षक सम्मान २०२० से सम्मानित किया गया। हिन्दी रक्षक मंच के संस्थापक एंव hindirakshak.com के संपादक पवन मकवाना ने बताया कि कार्यक्रम में इन्दौर सहित भारत के अलग-अलग राज्यों व शहरों झारखंड, मनावर, उज्जैन, धार, रीवा, कानपुर, देपालपुर, भोपाल, देवास, दरभंगा बिहार, कोटा राजस्थान, चंपारण बिहार, बेगमगंज मेरठ, मोतिहारी बिहार से पधारे ३२ साहित्यकारों को हिन्दी रक्षक सम्मान २०२० से सम्मानित किया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथी महामण्डलेश्वर दादु महाराज, देवपुत्र के संपादक श्री कृष्णकुमारजी अष्ठाना, साहित्यकार श्री सूर्यकांतजी नागर भा.ज.पा. के पूर्व नगर अध्यक्ष कैलाश शर्मा, थाना अन्नपुर्णा के टी आई सतीष द्विवेदी, अजय सिसौदिया, समा...
मत भड़काओ दंगे यारो
कविता

मत भड़काओ दंगे यारो

दामोदर विरमाल महू - इंदौर (मध्यप्रदेश) ******************** मत भड़काओ दंगे यारो, इन सबसे कुछ मिलता नही। बस होता है दुश्मनी का फ़ैलारा, और अमन का कमल खिलता नही। गर मिलकर रहेंगे हम सब एक, तो निपटे सुकून से काम अनेक। रखना ही है तो दिल मे रखिये, शांति धैर्य और अपना विवेक।। मेरा देश सोने की चिड़िया, था, है और अब भी रहने दो। रखो भरोसा ईक दूजे पर, कोई कुछ भी कहे कहने दो।। आपस मे ना बैर पालना, रहना हमेशा सच के साथ। करे कोई गर पीछे से घात, फिर भी करना प्रेम से बात। बापू सा समझाने वाला, अब कोई मिलता नही। मत भड़काओ दंगे यारो, इन सबसे कुछ मिलता नही। बस होता है दुश्मनी का फ़ैलारा, और अमन का कमल खिलता नही। . परिचय :- ३१ वर्षीय दामोदर विरमाल पचोर जिला राजगढ़ के निवासी होकर इंदौर में निवास करते है। मध्यप्रदेश में ख्याति प्राप्त हिंदी साहित्य के कवि स्वर्गीय डॉ. श्री बद्रीप्रसाद जी विरमाल इनके न...
नई सुबह आ रही
कविता

नई सुबह आ रही

आशा जाकड़ इंदौर म.प्र. ******************** नई सुबह आ रही विश्वास दीप जलेंगे नव उमंग जाग रही नये गीत रचेंगे।। खेत की माटी बोल रही, ओ कर्मवीर उठ जाओ। प्राणों में अब हुंकार भरो, मेहनत की फसल उगाओ। नई रोशनी आरही अंधविश्वास दूर भगेंगे नई सुबह आ रही विश्वास दीप जलेंगे।। जीत उसे हासिल होती, आशा के बल पर जीते। बाधाओं को दूर हटाके, वे नील गगन छू लेते। कर्म-आँधी चलरही श्रम- फूल खिलेंगे। नई सुबह आ रही विश्वास दीप जलेंगे।। सारे बंधन तोड कर, नई ऊर्जा से भर दें। खौफ का साया जहाँ, हौंसलों के पंख दे दें। नई लहर आ रही आत्मविश्वास जगेंगे। नई सुबह आ रही विश्वास दीप जलेंगे। चुनौतियों का सामना करो, भाग्य भरोसे बैठो नहीं। पुरुष हो पुरुषार्थ करो , बाधाओं से डरो नहीं। कर्मभूमि सज रही ज्ञानदीप जलेंगे। नव उमंग जाग रही नये गीत रचेंगे।। परिचय :- आशा जाकड़ (शिक्षिका, साहित्यकार एव...