छोटा मुंह बड़ी बात
नफे सिंह योगी
मालड़ा सराय, महेंद्रगढ़(हरि)
********************
रातभर वह
बादलों की गड़गड़ाहट
के चलते
सो नहीं पाया
जैसे ...बकरे को
कटने का पता चल गया हो
आकाश में
चमकती हुई बिजली
उसके बदन पर
जोर-जोर से
कोड़े मार रही थी
और वह हाथ जोड़कर
मन ही मन
बस एक ही वाक्य
दोहरा रहा था कि...
हे भगवान ! बख्श दे
बिटिया की शादी है
इसी साल
अचानक
ओलावृष्टि शुरू होती देख
उसकी रूह कांपने लगती है
जैसे ...
राक्षस के भोजन के लिए
आज उसी के बेटे की बारी हो
ओलावृष्टि से
बुरी तरह ध्वस्त
फसल का नजारा
आज... महाभारत के
कुरुक्षेत्र से कम नहीं था
वह खेत में घुटने टिकाकर
एक शहीद की माँ की भाँति
घायल फसल को
सीने से लगा
सिसकियाँ भर-भरकर
रो रहा था कि...
नजदीक खड़ा
छोटा पोता उसके
कंधे पर हाथ रख कर
कंपकंपाते लब्जों में
कहता है कि....
बाबा ! ...आप रोओ मत
मैं साइकिल नहीं माँगूँगा
.
परिचय :
नाम : नफे सिंह योगी मालड़ा
माता : श्...





















