प्रीत की राह
कमल किशोर नीमा
उज्जैन (मध्य प्रदेश)
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कल तक जिनके साथ चले
हर पल हम उनके साथ चले।
खयालों मे वो जब भी आएँ
संग मे यादों की बारात चले।
कल तक…
चलना ही है जीवन की रीती
पथिक कितने ही आन मिले।
पल दो पल का साथ निभाया
सब रिश्ते नाते छोड़ कर चले।
कल तक…
बन्धन है ये प्यार का न्यारा
मन का मीत बने जो दुलारा।
अन्तर मन मे अंकित वो मूरत
तन्हाई मे भी साथ साथ चले।
कल तक...
प्रीत की राह पर चले हम तो
मन मन्दिर मे अब प्यार पले।
देते रहेंगे हम उनको दुआएँ
जब तक जीवन ज्योति जले।
कल तक…
परिचय :- कमल किशोर नीमा
पिता : मोतीलाल जी नीमा
जन्म दिनांक :१४ नवम्बर १९४६
शिक्षा : एम.कॉम, एल.एल.बी.
निवासी : उज्जैन (मध्य प्रदेश)
रुचि : आपकी बचपन में व्यायाम शाला में व्यायाम, क्षिप्रा नदी में तैराकी और शिक्षा अध्ययन के साथ कविता, गीत, नाटक लेखन मंचन आदि में गहन रूचि रही है...



















