प्रकृति का कहर
शुभा शुक्ला 'निशा'
रायपुर (छत्तीसगढ़)
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आधुनिक परिवेश में
प्रदूषण हमारी प्रमुख समस्या
पर्यावरण सूरक्षित नहीं,
नहीं सुरक्षित देश की प्राकृतिकता
एक ओर तो चीखते रहते,
हम सब पर एहसान जता कर
प्लास्टिक का विरोध दिखाते
जहां तहां जुलूस निकाल कर
हर सरकार आती जाती
अपने जलवे बिखेर के जाती
पर जो आवश्यक तत्व हैं
उनपर उनकी नजर ना जाती
जनता भी ना अपनाये
पर्यावरण के स्वस्थ उपाय
स्वयं तो कुछ कर नहीं पाते
एक दूजे पे उंगली उठाए
सरकार के साथ हमें भी
स्वच्छता का मूलमंत्र याद रखना होगा
गीला कचरा सूखा कचरा अलग
रखने का सतर्कता से पालन करना होगा
पर्यावरण को बढ़ाने दोस्तो
एक एक पेड़ लगाना है
रास्ते गलियां घर चौबारो में
शीतल बयार बहाना हैं
प्लास्टिक की मोहमाया को
आज भी हम सब तज नहीं पाये
यदा कदा डिस्पोज़ल कैरी बैग
प्लास्टिक के अपने काम ही आएं
जो हम ध्यान ना रख पाए तो
भुगतान हमे ही करना ...

























