मेरी कामना
हितेश्वर बर्मन
डंगनिया, सारंगढ़ (छत्तीसगढ़)
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हे नारी तुम नि:संदेह
बहुत शक्तिशाली हो,
हजारों मर्दों की भीड़ भी
तुम्हें देखकर
खामोश हो जाती है।
इतिहास में एक वीरांगना
लक्ष्मीबाई ऐसी भी थी,
जिसके सिर्फ ख्यालों से ही
पूरी नारी जाति
जोश में आ जाती है।
हे नारी तुम बहुत ही
भाग्यशाली हो,
सभी व्रतों, त्यौहारों में
सिर्फ तुम ही उपवास रहती हो।
सभी धर्मों, परंपराओं को
मर्दों ने ही बनाया है,
लेकिन तुम ही परंपराओं को
निभाती रहती हो।
हे नारी तुझमें बहुत
सहनशीलता है,
तुमनें सदियों से बहुत
यातनाएं झेली है।
कभी सती प्रथा के नाम पर
चिता में जिंदा जली है,
तो कभी दहेज के नाम पर
प्रताड़ना झेली है।
हे नारी तुम्हारे भीतर
असीम शक्ति छिपी हुई है,
तुम्हें अपनी शक्ति को नये
आयाम के साथ गढ़नी होगी।
आज दिन पर दिन
तुम पर अत्याचार हो रहें है,
अपने स्वाभिमान के ...


















