गांव और शहर
संजय वर्मा "दॄष्टि"
मनावर (धार)
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शहर जागता देर रात
गांव जल्द सो जाता
सुबह जल्द गांव उठता
शहर उठता देर से
खरगोश कछुए की
कहानी की तरह।
गांव उठेगा तो ही
शहर जागेगा
क्योंकि दूध चाय का
गांव से ही तो आता।
आती है ताजी सब्जियां गांव से
जल्द सो जल्द उठो
स्वास्थ्य का होता मंत्र
सूरज की पहली किरण के दर्शन
देवस्थानों से बजती घंटी
पंछियों का कलरव
पशु सेवा के पुनीत कार्य
ईश्वरीय आराधना नित्य बनते
ये क्रम गांव शहर का आधार बनाता
सर्वसुविधा होती ये शहर दर्शाता
गांवों में होती कहां सर्वसुविधा
इसलिए तो गांव-गांव कहलाता
शहर इसलिए तो इतराता।
परिचय :- संजय वर्मा "दॄष्टि"
पिता :- श्री शांतीलालजी वर्मा
जन्म तिथि :- २ मई १९६२ (उज्जैन)
शिक्षा :- आय टी आय
व्यवसाय :- ड़ी एम (जल संसाधन विभाग)
प्रकाशन :- देश-विदेश की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ व समाचार ...
























